लंदन, 24 जून (आईएएनएस)। स्मारक दिवस पर ‘ली रिग्बी’ स्टाइल में सिर कलम करने की साजिश रचने के लिए एक ब्रिटिश मुस्लिम आतंकवादी को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है।
ब्रिटिश अखबार ‘डेली मेल’ के अनुसार, नादिर सईद (23) को गुरुवार को सजा सुनाई गई। पैरोल पर छूटने के लिए उसे कम से कम 15 साल जेल में बिताने होंगे।
पश्चिमी लंदन के रहने वाले सईद ने गत साल नवंबर में एक अफीम विक्रेता का सिर कलम करने और घटना को कैमरे में कैद करने की साजिश रची थी।
अधिकारियों ने कहा कि मुस्लिम आतंकवादी सीरिया के इस्लामिक स्टेट(आईएस) के सदस्यों के संपर्क में था।
वह नियमित रूप से आईएस में शामिल अपने दो मित्रों के संपर्क में था और आतंकी हमलों के लिए अन्य लोगों को भी प्रोत्साहित कर रहा था।
बताया जाता है कि सईद आईएस के जल्लाद जिहादी जॉन का प्रशंसक है और 7/7 और 9/11 के आतंकी हमले में मारे गए आतंकियों को श्रद्धांजलि देने के लिए उसने अपने फोन का पासकोड 77991 रखा था।
सईद और उसके दोस्तों पर जासूसों की नजर थी। जासूसों को महसूस हुआ कि वह एक चाकू खरीद रहा था और एक आत्मघाती हमले की तैयारी कर रहा था।
आईएस में शामिल होने के लिए देश से बाहर जाने में नाकाम रहने पर सईद निराश था, इसलिए उसने ब्रिटेन में ही हमले करने का फैसला किया।
जासूसों का मानना है कि अंतिम क्षण तब आया, जब गत छह नवंबर, 2015 को उसके खिलाफ समाज विरोधी आदेश दिया गया, जिसके तहत अन्य आतंकवादियों के साथ मेलजोल बढ़ाने के लिए उस पर प्रतिबंध लगाया गया था।
सईद आईएस के उस फतवा से उत्साहित था, जिसमें पश्चिमी देशों में हमले करने का आह्वान किया गया था।
सईद पर स्मारक दिवस का धुन चढ़ रहा था और अपने चचरे भाई यूसुफ के साथ अफीम वाली गली में फिल्माया गया था।
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