वाशिंगटन-मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच, होमुर्ज स्ट्रेट एक बार फिर वैश्विक चर्चा का केंद्र बन गया है. अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ बातचीत में कहा कि अमेरिकी नाकेबंदी का उल्लंघन और ईरानी तेल के अवैध परिवहन को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार, इस क्षेत्र से गुजरने वाले सभी व्यावसायिक जहाजों को अमेरिकी बलों के निर्देशों का तुरंत पालन करना होगा. अमेरिका का कहना है कि यह कदम क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और समुद्री मार्गों की निगरानी बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया जा रहा है.
दूसरी ओर, बातचीत के दौरान भारत ने भी अपना स्टैंड रखा. विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ओमान तट के पास हुए उन हमलों पर अमेरिका के सामने कड़ा विरोध दर्ज कराया, जिनमें भारतीय नागरिकों की जान गई. जयशंकर ने कहा कि व्यावसायिक जहाजों के खिलाफ इस तरह की घातक सैन्य कार्रवाई उचित नहीं मानी जा सकती. भारत ने साफ किया कि समुद्री व्यापार और नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता मिलनी चाहिए और किसी भी स्थिति में निर्दोष लोगों की जान खतरे में नहीं पड़नी चाहिए.
इस हफ्ते ओमान के पास समुद्री क्षेत्र में हमले की कई घटनाएं सामने आईं. एमवी जलवीर और एमटी सेटेबेलो जैसे जहाजों पर अटैक हुआ. इनमें से एक घटना में 3 भारतीय नाविकों की मौत हो गई, जिससे भारत में चिंता बढ़ गई. भारत सरकार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अमेरिकी पक्ष के सामने अपनी चिंता रखी और क्षेत्र में तनाव कम करने की जरूरत पर जोर दिया.
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