1455 नये पद स्वीकृत (मंत्रि-परिषद् के निर्णय)

मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान की अध्यक्षता में आज सम्पन्न मंत्रि-परिषद् की बैठक में 1455 नये पद के सृजन की मंजूरी दी गई। इनमें 929 पद सामाजिक न्याय विभाग के नये सेटअप में स्वीकृत किये गये हैं। इनमें एक-एक पद मिशन संचालक, अपर संचालक और संयुक्त संचालक, 3 पद उप संचालक, 37 सहायक संचालक, 427 समग्र सामाजिक सुरक्षा विस्तार अधिकारी, 427 कम्प्यूटर आपरेटर सहित अन्य पद शामिल है।

मंत्रि-परिषद् ने मध्यप्रदेश राज्य जल मिशन में जल सहायता संगठन के अन्तर्गत 519 पद स्वीकृत किये। इनमें 50-50 पद जिला स्तरीय मानव संसाधन विकास कन्सल्टेंट, जिला स्तरीय अनुश्रवण एवं मूल्यांकन कन्सल्टेंट, जिला स्तरीय सूचना, शिक्षा एवं संचार कन्सल्टेंट तथा जिला भू-विद के शामिल है। इसी तरह विकास खण्ड स्तरीय कोऑर्डिनेटर के 313 पद सृजित करने की स्वीकृति दी गई। ये पद संविदा के आधार पर भरे जायेंगे।

मंत्रि-परिषद् ने जल संसाधन विभाग में मुख्य अभियंता के 3 और अधीक्षण यंत्री के 6 पद सृजित करने की अनुमति दी।

मानदेय में वृद्धि

मंत्रि-परिषद् ने नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम 1973 के अन्तर्गत विकास प्राधिकरण/ विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष/ उपाध्यक्ष के मानदेय और सत्कार भत्ते में वृद्धि करने का निर्णय लिया। अब अध्यक्ष को 4000 रुपये प्रतिमाह देय भत्ते की जगह 9000 रुपये मानदेय तथा 1400 रुपये सत्कार भत्ता मिलेगा। उपाध्यक्ष को 3600 रुपये कुल भत्ते की जगह अब 6000 रुपये मानदेय और 1000 रुपये सत्कार भत्ता मिलेगा।

सड़क मार्ग स्वीकृत

मंत्रि-परिषद् ने इन्दवार-ताला-परासी मार्ग (राज मार्ग क्रमांक 10 और 11 के छूटे भाग) निर्माण के लिये 71 करोड़ 06 लाख 37 हजार रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति दी। इस मार्ग की लम्बाई 32.40 किलोमीटर है।

गढ़ीमलहरा-लौडी-चन्दला-अजयगढ़ मार्ग (मुख्य जिला मार्ग क्रमांक 35-03) के निर्माण के लिये 59 करोड़ 32 लाख 28 हजार रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई। इस मार्ग की लम्बाई 60 किलोमीटर है।

मंत्रि-परिषद् ने सड़क विकास निगम के माध्यम से रीवा-रिंग रोड मार्ग को बीओटी (टोलअएन्यूटी) योजना में निर्मित करने की सहमति दी। इसकी लागत लगभग 74 करोड़ 20 लाख रुपये है। इस मार्ग की 8.928 किलोमीटर लम्बाई को चार लेन में विकसित किया जाना है।

अटेर-जैतपुर मार्ग सह-चम्बल नदी के उच्च-स्तरीय वृहद पुल को बीओटी (टोल) के अन्तर्गत निर्मित करने की सहमति दी गई। इसकी लागत 84 करोड़ 30 लाख रुपये तथा लम्बाई 4.50 किलोमीटर है।

मंत्रि-परिषद् ने मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम के माध्यम से बैतूल-सारणी-टीकाधाम-जुन्नारदेव-परासिया मार्ग को बीओटी योजना में निर्मित करने की सहमति दी। इसकी लागत 243 करोड़ 24 लाख रुपये तथा लम्बाई 124.10 किलोमीटर है। इसी तरह निगम के माध्यम से रतलाम-सैलाना-बाँंसवाड़ा मार्ग को बीओटी (टोलअएन्यूटी) में निर्मित करने की सहमति दी गई। इस मार्ग की निर्माण लागत 117 करोड़ 28 लाख रुपये तथा लम्बाई 43.58 किलोमीटर है।

भूमि आवंटन

मंत्रि-परिषद् ने देवास जिले की तहसील देवास के ग्राम खटाम्बा में 1.17 हेक्टेयर भूमि उद्योग विभाग को हस्तांतरित करने का निर्णय लिया। इसी तरह मझौली तहसील के ग्राम निधिपुरी में 1.80 हेक्टेयर शासकीय भूमि ऊर्जा विभाग को आवंटित करने का निर्णय लिया गया।

आईटीआई भवन

मंत्रि-परिषद् ने नार्वाड के आरआईडीएफ परियोजना के प्रथम चरण में 40 आईटीआई भवन निर्माण के निर्माण को स्वीकृति दी। इनमें से 20 भवन प्री-फेब तकनीक से तथा 20 पारम्परिक पद्धति से निर्मित किये जाएँगे।

मंत्रि-परिषद् ने मध्यप्रदेश राज्य खनिज निगम लिमिटेड को आवंटित अमेलिया, अमेलिया नार्थ और डोंगरी ताल-क्ष्क्ष् कोल ब्लॉक्स के खनन, विकास और विक्रय के लिये गठित 3 संयुक्त कम्पनियों द्वारा ऋण लेने और उनकी सम्पत्तियों (कोल माइनिंग राईटस एवं माइनिंग लीज की भूमि को छोड़कर) पर ऋणभारित करने की अनुमति दी। ये कम्पनियाँ है – एमपी सैनिक कोल माइनिंग प्राइवेट लिमिटेड, एम.पी.जेपी मिनरल लिमिटेड और एम.पी.जेपी कोल लिमिटेड।

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