बुडापेस्ट, 7 जून (आईएएनएस)। अंतर्राष्ट्रीय भारोत्तोलन महासंघ (आईडब्ल्यूएफ) ने बताया कि भारोत्तोलकों के नमूनों के दोबारा परीक्षण में 2008 बीजिंग ओलम्पिक और 2012 लंदन ओलम्पिक में हिस्सा लेने वाले 10-10 भारोत्तोलक डोप टेस्ट (प्रतिबंधित दवाओं के सेवन) में या तो असफल साबित हुए हैं या असफल जैसे माने जा रहे हैं।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, आईडब्ल्यूएफ ने सोमवार को अपनी वेबसाइट पर बताया कि अंतर्राष्ट्रीय ओलम्पिक समिति (आईओसी) ने अधिसूचित किया है कि बीजिंग ओलम्पिक में हिस्सा लेने वाले 10 भारोत्तोलकों के दूसरे नमूने ‘असफल जैसे माने जा रहे हैं’ और इन बी-नमूनों की आगे की जांच हो रही है। जबकि, लंदन ओलम्पिक के 10 खिलाड़ियों के डोप टेस्ट के पॉजिटिव होने की पुष्टि हो चुकी है।
इन खिलाड़ियों के नामों का खुलासा नहीं किया गया है, लेकिन इनमें पदक विजेता शामिल हैं।
आईडब्ल्यूएफ ने कहा कि आईओसी की प्रक्रिया के पूर्ण होने के बाद एथलीटों के अस्थायी निलंबन पर फैसला लिया जाएगा।
ओलम्पिक खेलों में बेदाग खिलाड़ियों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए खिलाड़ियों के नमूनों के फिर से परीक्षण का कार्यक्रम शुरू किया गया है। पिछले माह आईओसी के अधिकारी ने कहा था कि इस नए कार्यक्रम में बीजिंग और लंदन ओलम्पिक में हिस्सा लेने वाले कई खिलाड़ियों को असफल पाया गया है और ये रियो ओलम्पिक के लिए भी क्वालीफाई कर चुके हैं।
आईओसी ओलम्पिक डोपिंग नमूनों को 10 साल के लिए संभाले रखती है ताकि जब परीक्षण के नए तरीकों सामने आएं, तो इनकी दोबारा जांच की जा सके।
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