समाचार पत्र ‘द गार्जियन’ की रपट के मुताबिक, दुनिया की सबसे लाभ कमाने वाली कंपनियों में शुमार एप्पल के कारोबार में पिछले 13 सालों में पहली बार इतनी गिरावट दर्ज की गई।
साल 2015 की इसी अवधि की तुलना में इस तिमाही आईफोन की ब्रिक्री से एप्पल को केवल दो-तिहाई राजस्व मिला है और कंपनी ने इस बार 16 प्रतिशत कम आईफोन बेचे हैं।
इस वजह से दुनिया की सबसे मूल्यवान सार्वजनिक कंपनी पर अपने अगले बड़े उत्पाद को लाने का अधिक दबाव है।
सालों से हो रही धमाकेदार बिक्री के बाद कई निवेशकों को डर है कि आईफोन अब संतृप्ति के एक बिंदु पर पहुंच गया है, जहां से एप्पल के युग की समाप्ति का समय शुरू हो गया है।
एप्पल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी टिम कुक ने बताया, “हमारे विकास में ठहराव के बावजूद हमारे परिणाम टीम द्वारा उत्कृष्ट कार्यक्षमता को प्रतिबिंबित करते हैं।”
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