उनकी यह यात्रा गुरुवार को मरीन ड्राइव से शुरू होगी। प्रेस क्लब में एक संवाददाता सम्मेलन में भिलाई के रहने वाले पेशे से इंजीनियर तीनों युवकों ने बताया कि वे कुछ संस्थाओं से प्रेरित होकर भारतीय ओलम्पिक दल का उत्साह बढ़ाने के लिए ऐसा कर रहे हैं।
पीयूष जहां 300 किलोमीटर की दौड़ लगाएंगे, वहीं उनके दोनों दोस्त साइकिल से उनके साथ-साथ चलेंगे।
इस दौड़ के लिए रायपुर से बस्तर के चुनाव के बारे में पूछे जाने पर मनोज ने बताया कि स्वास्थ्य संबंधी कारणों और यातायात को देखते हुए इस मार्ग का चयन किया गया है।
उन्होंने कहा, “भारत प्रतिभा संपन्न देश होते हुए भी अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता में आशा के अनुरूप परिणाम नहीं दे पाता। लोग सारा दोष सरकार पर थोप देते हैं। लेकिन एक अच्छा नागरिक होने के नाते तथा खेलों को बढ़ावा देने के लिए उन्होंने तय किया कि इस बार वे ओलंपिक खेल रहे भारतीय खिलाड़ियों का सिर्फ तालियां बजाकर उत्साहवर्धन नहीं करेंगे, बल्कि कुछ ऐसा करेंगे जिससे उन्हें भी प्रेरणा मिले।”
रैली गुरुवार सुबह 8:30 बजे मरीन ड्राइव से शुरू होकर सिविल लाइन, टैगोरनगर, मठपुरैना होते हुए पुराना धमतरी रोड सेजबहार, भटगांव, कचना, कानामुका, सिलीडीह, सिलतरा, गुजरा, दर्गाहन, पीपरछेड़ी, दयानगर से ईतवारी बाजार धमतरी पहुंचेगी।
धमतरी में रात्रि विश्राम होगा। उसके बाद दूसरे दिन 12 अगस्त को सुबह 7.0 बजे इतवारी बाजार धमतरी से राष्ट्रीय राजमार्ग से भुजलगोंड़ी, चारामा, सिरसिड़ा, लखनपुरी, उड़कुड़ा होते कांकेर पहुंचेंगे। कांकेर में विश्राम होगा। जिसके बाद 13 अगस्त को सुबह 7.0 बजे कांकेर राष्ट्रीय राजमार्ग से केसकाल, फरसगांव पहुंचेंगे। 14 अगस्त को सुबह सात बजे फरसगांव, कोंडागांव से होते राजागांव, डोडा पहुंचेंगी, फिर स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) को 7.0 बजे डोडा से बस्तर, जगदलपुर पहुंचेंगे।
पीयूष ने पत्रकारों से कहा कि वह बचपन से खेल प्रेमी हैं। दौड़ना उनका शौक है। चेन्नई मैराथन में भी वह भाग ले चुके हैं। उन्होंने बताया कि वह प्रतिदिन 10-15 किमी दौड़ते हैं, लेकिन इस मैराथन दौड़ के लिए वह 2 महीने से रोज 20-25 किमी तक दौड़ रहे हैं।
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