गिरफ्तार लोगों में छह अवैध रोजगार गिरोह के कथित सदस्य हैं, जबकि 38 विदेशी मजदूर हैं, जिन्हें 26-27 जुलाई को एक अभियान के दौरान गिरफ्तार किया गया था।
इस दौरान, वर्क परमिट, मजदूरों के नामों की सूची तथा साइनपास टोकन जब्त किया गया। मामले की जांच जारी है।
मंत्रालय के मुताबिक, विदेशी मजदूरों को अवैध रूप से लाने वाले गिरोह फर्जी कंपनियां खोलते हैं, बेरोजगार युवकों को निदेशकों के रूप में भर्ती करते हैं और उनके साइनपास खाते का दुरुपयोग फर्जी वर्क पास के लिए करते हैं।
एमओएम के फॉरेन मैनपावर मैनेजमेंट डिविजन ने अभियान पर टिप्पणी करते हुए कहा, “एमओएम बिना रोजगार के विदेशी मजदूरों को लाने और उन्हें रोजगार ढूंढने की मंजूरी देने के मुद्दे को गंभीरतापूर्वक लेता है। हम अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे और इस तरह के गिरोहों का पता लगाने तथा उनपर कार्रवाई करने का प्रयास लागातार जारी रखेंगे।”
उन्होंने कहा कि दोषी पाए जाने पर नियोक्त को दो साल जेल की सजा तथा 4,470 डॉलर का जुर्माना हो सकता है।
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