ढाका, 6 अगस्त (आईएएनएस)। भारत व बांग्लादेश के वन्य अधिकारी ब्रह्मपुत्र नदी की तेज धारा में बहकर बांग्लादेश की सीमा में पहुंची हथिनी को बेहोश कर सड़क मार्ग से वापस पूर्वोत्तर भारत ले जाने पर विचार कर रहे हैं।
ब्रह्मपुत्र नदी की तेज धारा में बहकर भारतीय हाथिनी सीमा पार कर एक महीने पहले बांग्लादेश पहुंच गई थी।
बीडीन्यूज24 की एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय वन्यजीव विशेषज्ञ बांग्लादेश में जमालपुर के सारिशाबारही में हैं, जहां हथिनी घूमते हुए देखी गई है।
एक भारतीय वन्यजीव अधिकारी ने बीबीसी से कहा कि हथिनी को बचाने के लिए दोनों देशों के अधिकारी मिलकर काम कर रहे हैं।
असम के मुख्य वन्यजीव अधिकारी बिकाश ब्रह्म ने कहा कि अधिकारियों का एक दल फंसी हथिनी को वापस ले जाने के तरीके तलाशने को प्रयासरत है।
उन्होंने कहा, “हथिनी की मदद करने के लिए हमारे अधिकारियों का दल बांग्लादेश वन्यजीव अधिकारियों की मदद कर रहा है। वह कमजोर हो गई है, तनाव में है और बांग्लादेश के बाढ़ग्रस्त हिस्सों में 100 किलोमीटर से अधिक दूरी तय कर चुकी है।”
पिछले कुछ दिनों से 17 बचावकर्मियों का एक दल हथिनी के निकट डेरा डाले हुए है।
दल में मौजूद एक वेटेनरी सर्जन ने कहा, “बचाव अभियान की तैयारी पूरी हो चुकी है। ट्रान्क्यूलाइजर गन, दवा, रस्सी, महावत, भोजन तथा वाहन तैयार है।”
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