शहर की महापौर ने शुक्रवार को बताया कि यह सालाना बाजार 12वीं सदी से आयोजित होता आ रहा है। इसे यूरोप के सबसे बड़े और सबसे पुराने कबाड़ी बाजार के रूप में जाना जाता है।
यह बाजार लिली में सितंबर के पहले रविवार को लगना था। इस बाजार में दुनियाभर से सैलानी आते हैं।
इस बार बाजार नहीं लगने का ऐलान संवाददाता सम्मेलन में करते हुए शहर की मेयर मार्टिन ऑबरी ने कहा, “इस फैसले को लेते हुए बहुत दुख हुआ।”
हालांकि, कुछ स्थानीय दुकानदारों ने इस फैसले पर खेद एवं गुस्सा जताया।
dharmpath.com dharmpath