टोक्यो, 6 अगस्त (आईएएनएस)। पूर्वी चीन सागर के विवादित सेंकाकू द्वीपों के निकट चीन के छह तटरक्षक जहाज तथा लगभग मछली पकड़ने वाले 230 जहाजों को देखे जाने के बाद जापान ने चीन के समक्ष श्निवार को विरोध दर्ज कराया।
जापान के विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी ने चीनी राजदूत से कहा, “यह एकपक्षीय कार्रवाई है, जो तनाव बढ़ानेवाली है और यह हमारे लिए अस्वीकार्य है।”
अंतर्राष्ट्रीय मध्यस्थता न्यायाधिकरण द्वारा अपने फैसले में लगभग पूरे दक्षिण चीन सागर पर चीन के दावे को खारिज करने के महज एक महीने से भी कम समय में विवादित द्वीपों पर चीनी जहाज देखे जाने का मामला सामने आया है। चीनी के दावे के मुद्दे को फिलीपींस अंतर्राष्ट्रीय मध्यस्थता न्यायाधिकरण के समक्ष ले गया था। जबकि बीजिंग ने फैसले को खारिज कर दिया।
समाचार पत्र ‘द जापान टाइम्स’ की एक रपट के मुताबिक, जापानी तटरक्षक ने कहा है कि कुछ जहाज बंदूकों से लैस थे।
इससे पहले, शुक्रवार को इसी तरह की एक घटना में चीनी तट रक्षक के दो जहाज तथा मछली पकड़ने वाले दो जहाज कुछ समय के लिए सेंकाकुस के निकट जापानी जल सीमा में प्रवेश कर गए थे, जिसके बाद मंत्रालय को चीनी राजदूत को तलब करना पड़ा था।
जापान के उप विदेश मंत्री शिंसुके सुगियामा ने शुक्रवार को चीन के राजदूत चेंग योंगहुआ से कहा कि जापानी जलसीमा में चीनी जहाजों का प्रवेश और उसकी गतिविधि जापान की संप्रभुता का उल्लंघन है तथा यह पूरी तरह अस्वीकार्य है।
मंत्रालय ने कहा कि चीन के मछली पकड़ने वाले जहाजों के जापानी जलसीमा में प्रवेश करने के तुरंत बाद तट रक्षक का जहाज भी घुस आया।
विशेष मंत्रालय के एक सूत्र ने कहा, “जापान चीनी तटरक्षक जहाजों की गतिविधि को स्वीकार नहीं कर सकता, जिसे वह संभावित तौर पर मछली पकड़ने वाले जहाजों के साथ मिलकर अंजाम दे रहा है।”
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