तेहरान, 7 अगस्त (आईएएनएस)। वर्ष 2010 से हिरासत में रखे गए एक ईरानी परमाणु वैज्ञानिक को फांसी दे दी गई है। वैज्ञानिक के परिजनों ने रविवार को ‘बीबीसी’ को यह जानकारी दी।
शाहराम अमीरी की मां ने कहा कि वैज्ञानिक का शव उनके गृहनगर भेज दिया गया है। शव की गर्दन पर रस्सी के निशान थे, जिससे स्पष्ट होता है कि उन्हें फांसी दी गई।
वैज्ञानिक 2009 में मक्का की तीर्थयात्रा से लौटने के बाद से लापता थे।
‘बीबीसी’ की रपट के मुताबिक, अमीरी को अमेरिका से लौटने के बाद एक गुप्त स्थान पर रखा गया था। उन्होंने बताया था कि केंद्रीय खुफिया एजेंसी उन्हें जबरन वहां लेकर गई।
उन्होंने एक वीडियो रिकॉर्डिग के जरिए कहा था, “वे मुझे किसी अनजान स्थान पर स्थित एक घर में ले गए। वहां उन्होंने मुझे बेहोशी का एक इंजेक्शन लगा दिया।”
हालांकि 2010 में वह ईरान लौट आए थे।
‘बीबीसी’ के मुताबिक, कथित तौर पर 2011 में उन्हें गिरफ्तार किया गया था और उन पर देशद्रोह का मुकदमा चलाया गया था।
कुछ खबरों के मुताबिक, उन्हें ईरान के परमाणु कार्यक्रम का ‘गहरा ज्ञान’ था।
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