रियो ओलम्पिक (निशानेबाजी) : पदक से चूके बिंद्रा, भारत का सूखा जारी (लीड-2)

रियो डी जेनेरियो, 8 अगस्त (आईएएनएस)। बीजिंग ओलम्पिक में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचने वाले अग्रणी भारतीय निशानेबाज अभिनव बिंद्रा सोमवार को रियो ओलम्पिक में 10 मीटर एअर राइफल स्पर्धा में एक बार फिर इतिहास रचने से चूक गए। बिंद्रा स्पर्धा के फाइनल में चौथे स्थान पर रहे।

रियो डी जेनेरियो, 8 अगस्त (आईएएनएस)। बीजिंग ओलम्पिक में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचने वाले अग्रणी भारतीय निशानेबाज अभिनव बिंद्रा सोमवार को रियो ओलम्पिक में 10 मीटर एअर राइफल स्पर्धा में एक बार फिर इतिहास रचने से चूक गए। बिंद्रा स्पर्धा के फाइनल में चौथे स्थान पर रहे।

ओलम्पिक शूटिग सेंटर में हुए फाइनल में बिंद्रा ने 163.8 अंकों के साथ चौथा स्थान हासिल किया। वह एक समय दूसरे और तीसरे स्थान पर चल रहे थे लेकिन आखिरी कोशिशों में उनका प्रदर्शन लगातार गिरता गया और वह पदक की दौड़ से बाहर हो गए।

बिंद्रा के पदक चूकने के साथ तीसरे दिन भी रियो में भारत के पदकों का सूखा जारी है, वहीं बिंद्रा के स्वर्णिम करियर पर भी विराम लग गया। गौरतलब है कि बिंद्रा रियो ओलम्पिक के बाद संन्यास की घोषणा कर चुके हैं।

इटली के निकोलो कैम्प्रीयानी ने ओलम्पिक रिकार्ड कायम करते हुए 206.1 अंकों के साथ स्वर्ण जीता जबकि यूक्रेन के शेरी कुलीस ने 204.6 अंकों के साथ रजत और रूस के ब्लादिमीर मासलेनीकोव ने 184.2 अंकों साथ कांस्य जीता।

फाइनल में बिंद्रा ने अच्छी शुरुआत की। शुरुआती चरण में वह पीछे रहे लेकिन मध्य के चरण में दूसरे स्थान पर आ पहुंचे। इसके बाद वह तीसरे और चौथे स्थान के बीच झूलते रहे। इसी क्रम में दूसरे खिलाड़ी उनसे अधिक अंक जुटाते चले गए और बिंद्रा के हाथ से पदक का मौका निकल गया।

बिंद्रा ने फाइनल में 29.9, 30.2, 21.1, 21.5, 20.8, 20.2 और 20.1 अंक हासिल किए। वह सात सीरीज तक ही निशाना साध सके।

फाइनल में 14वें शॉट तक दूसरे स्थान पर बने हुए थे, लेकिन इसके बाद वह दबाव में आ गए और आखिरी के तीन शॉट में उनका खराब प्रदर्शन भारत की पदक उम्मीदों पर भारी पड़ा और वह यूक्रेनियन प्रतिद्वंद्वी सेरही कुलिश के साथ 16वें शॉट के बाद संयुक्त रूप से चौथे स्थान पर रहे।ॉ

इसके बाद शूटऑफ में बिंद्रा सिर्फ 10.0 अंक हासिल कर सके जबकि कुलिश ने 10.5 अंक हासिल करते हुए तीसरा स्थान हासिल किया।

मैचे के बाद बिंद्रा ने आईएएनएस से कहा, “मैंने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया, लेकिन पदक मेरा नहीं था। यह मुश्किल मुकाबला था और किसी को चौथे स्थान पर आना था, वो मैं रहा।”

बिंद्रा ने कहा, “खैर, मेरे खयाल से खेल में यह होता रहता है। मैंने अपना पूरा दिया। यह एक अच्छा दिन रहा, कठिन दिन भी। अगर मैं पदक हासिल कर सकता तो और अच्छा हो सकता था।”

लंदन में कांस्य जीतने वाले गगन नारंग भी इस स्पर्धा में चुनौती पेश की थी लेकिन वह क्वालीफिकेशन दौर से बाहर हो गए थे।

क्वालीफिकेशन राउंड में बिंद्रा ने 50 निशानेबाजों के बीच सातवां स्थान हासिल किया था। कुल 8 निशानेबाज फाइनल में पहुंचे जबकि नारंग 23वें स्थान पर रहे।

बिंद्रा ने कुल 625.7 अंक अपने खाते में डाले। दूसरी ओर, नारंग सिर्फ 621.7 अंक ही हासिल कर सके। नारंग ने छह सीरीज में 105.3, 104.5, 102.1, 103.4, 101.6 और 104.8 अकं हासिल किए।

बिंद्रा ने इससे बेहतर प्रदर्शन करते हुए 104.3, 104.4, 105,9, 103.8, 102.1 और 105.2 अंक बनाए। कैम्प्रीयानी 630.2 अंकों के साथ पहले और ब्लादिमीर मासलेनीकोव 629.0 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रहे।

सोमवार को ही पुरुषों की ट्रैप स्पर्धा में भारत के मानवजीत सिंह संधु और किनान चेनाई दूसरे दौर के क्वालिफिकेशन में क्रमश: 16वां और 19वां स्थान हासिल कर सके और सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर हो गए।

करियर का चौथा ओलम्पिक खेल रहे संधु कुल 115 अंक हासिल कर सके, जबकि चेनाई 114 अंक अपने खाते में डाल सके।

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