इस्लामाबाद, 9 अगस्त (आईएएनएस)। सऊदी अरब के सामिशी शिविर में करीब 400 पाकिस्तानी पिछले चार माह से फंसे हुए हैं। वहां से लौटे एक व्यक्ति ने कहा कि जिस कंपनी में वे लोग काम करते थे, उसने वेतन देना बंद कर दिया है।
फोन पर डॉन न्यूज से बातचीत में मुहम्मद तनवीर ने कहा कि करीब 400 पाकिस्तानियों के साथ शिविर में फंसे होने के अपने अनुभव को ऐसे समय में साझा किया जब वहां भोजन-पानी नहीं है।
तनवीर ने कहा, “हम करीब 400 लोग थे और जैसे भी बन पड़ता था हमलोग एक दूसरे की मदद करते थे। इसके बाद हम लोगों को लकड़ी के बने छोटे से कमरे में भेज दिया गया। वह तीन लोगों के रहने के लायक था, लेकिन हमें एक समय में आठ-दस लोगों को उसमें रहना था। क्योंकि हमारे पास और कोई ठिकाना नहीं था।”
तनवीर के अनुसार, “छह माह पहले उसे और उसके सहकर्मियों को यह बताया गया कि जिस कंपनी के लिए वे काम करते थे वह निर्माण का काम रोक रही है।”
डॉन की मंगलवार को जारी रपट में तनवीर के हवाले से कहा गया है, “शुरू में उन्हें लगा कि इस मुद्दे का समाधान हो जाएगा, लेकिन दो माह बाद भी उन्हें वेतन नहीं मिला।”
जब जेद्दा स्थित पाकिस्तानी दूतावास को इसकी जानकारी दी गई तो अधिकारियों ने कहा कि किसी ने उन्हें सऊदी अरब में काम करने के लिए नहीं कहा था।
सऊदी अरब की जिस कंपनी में वे काम करते थे, उसने संपर्क करने पर उनका पहचान पत्र और विदेशी नागरिकों को रहने का अनुमति पत्र भी ले लिया। पुलिस ने भी कहा कि वह कुछ नहीं कर सकती।
पाकिस्तान के विदेश कार्यालय के प्रवक्ता नफीस जकारिया का कहना है कि दूतावास ने कामगारों के लिए चिकित्सा सुविधा और भोजन सुनिश्चित किया है। सऊदी अरब का प्रशासन हमारे कामगारों के साथ सहयोग कर रहा है। सऊदी अरब में करीब 26 लाख पाकिस्तानी काम करते हैं।
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