रौसेफ के खिलाफ महाभियोग शुरू करने को मंजूरी (लीड-1)

रियो डी जनेरियो, 10 अगस्त (आईएएनएस)। ब्राजील की सीनेट ने निलंबित राष्ट्रपति डिल्मा रौसेफ के खिलाफ महाभियोग की कार्यवाही शुरू करने को मंजूरी दे दी है।

समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, करीब 15 घंटे चले लंबे सत्र के अंत में मंगलवार को 21 के मुकाबले 59 सदस्यों ने रौसेफ के खिलाफ महाभियोग कार्यवाही को मंजूरी दी, जबकि इसके लिए सिर्फ 41 मतों की आवश्यकता थी।

रौसेफ पर 2014 के बजट संतुलन के दौरान धोखाधड़ी का आरोप है। अब तक उन्होंने सीनेट के फैसले पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

सत्र के दौरान, सदस्यों ने अपने लंबे भाषणों में रौसेफ के महाभियोग से जुड़ी अपनी बातें रखी।

विपक्ष ने कहा कि राष्ट्रपति ने वित्त से जुड़ा गैर-जिम्मेदारी भरा गुनाह किया है। राजस्व संबंधी संतुलन के लिए उन्होंने बजट में चतुराई से हेरफेर की। जिसके लिए देश के कानून में महाभियोग का प्रावधान है।

उन्होंने रौसेफ के फैसलों को ब्राजील की वर्तमान अर्थव्यवस्था में मंदी के लिए जिम्मेदार ठहराया, जिससे अंतहीन बेरोजगारी और महंगाई बढ़ रही है।

रौसेफ समर्थकों ने कहा कि राजस्व संबंधी दांव जो उन्होंने प्रयोग किए उसे गैर जिम्मेदाराना वित्तीय गुनाह नहीं ठहरा सकते, वे उस समय के लिए कानूनी तौर पर सही फैसले थे।

राष्ट्रपति ने खुद उपराष्ट्रपति मिशेल टेमर के कार्यालय द्वारा किए गए षड्यंत्र के तौर पर लाए गए इस महाभियोग की निंदा की। रौसेफ के साथ टेमर के संबंध पूरी तरह दुश्मनी में बदल गए हैं। इसकी परिणति इस साल के शुरुआत में रौसेफ की वक र्स पार्टी और टेमर की ब्राजीली डेमोक्रेटिक मूवमेंट पार्टी के विघटन के तौर पर हुई।

सीनेट द्वारा रौसेफ को निलंबित किए जाने के बाद मई से टेमर पद पर हैं। हालांकि उनका प्रशासन अस्थायी है, लेकिन इसने स्थायी प्रकृति के कदम उठाए हैं।

अंतरिम राष्ट्रपति के प्रशासन में उठाए गए कदमों से वकर्स पार्टी के श्रमिक अधिकारों और सामाजिक कार्यक्रमों को नुकसान पहुंचा।

इसके अलावा वहां, भ्रष्टाचार की चर्चा हुई। टेमर पर रिश्वत में लाखों डॉलर की राशि लेने का आरोप लगा है।

अंतिम सुनवाई में, सीनेट में महाभियोग चलाने के लिए, रौसेफ के विरोधियों को दो-तिहाई बहुमत, यानी 54 मतों की जरूरत होगी।

महाभियोग से बचने के क्रम में, रौसेफ को मुठ्ठीभर सदस्यों के मन को बदलने की जरूरत है। लेकिन यह बहुत चुनौतीपूर्ण कार्य होगा।

प्रारंभिक रपट के मुताबिक, महाभियोग की सुनवाई अगस्त अंत या सितंबर की शुरुआत में होने की संभावना है।

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