काठमांडू, 14 अगस्त (आईएएनएस)। विपक्षी नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी-एकीकृत मार्क्सवादी-लेनिनवादी(सीपीएन-यूएमएल) ने रविवार को सरकार से आग्रह किया कि भारत और चीन के साथ हुए द्विपक्षीय समझौतों के क्रियान्वयन पर ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, सीपीएन-यूएमएल के सांसद केशव बादल ने संसद में सरकार से तत्कालीन प्रधानमंत्री के.पी. शर्मा ओली के दौरे के दौरान पड़ोसी देशों के साथ हुए द्विपक्षीय समझौतों के क्रियान्वयन के बारे में पूछा।
सीपीएन-यूएमएल के अध्यक्ष ओली ने इससे पहले अपने सहयोगी सीपीएन(माओवादी-सेंटर) के सरकार से समर्थन वापस लेने के बाद प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। इसी वजह से सीपीएन (माओवादी-सेंटर) के मुखिया पुष्प कमल दहाल ‘प्रचंड’ को नेपाली संसद की सबसे बड़ी पार्टी नेपाली कांग्रेस के सहयोग से प्रधानमंत्री बनने का मौका मिला।
बादल ने कहा, “मौजूदा सरकार को पड़ोसी देशों के साथ द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ाने का कार्य करना चाहिए। चीन और भारत के साथ हो चुके द्विपक्षीय समझौतों को लागू करना महत्वपूर्ण होगा। हमारी पार्टी दृढ़ता से सरकार को दोनों पड़ोसियों के साथ हुए द्विपक्षीय समझौतों को लागू करने का सुझाव देती है।”
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को चीन के साथ हुए पारगमन परिवहन समझौते को प्रभावी तौर से लागू करने का काम करना चाहिए।
उन्होंने कहा, “साथ ही, सरकार को अपने दक्षिणी पड़ोसी भारत के साथ विशाखापत्तनम बंदरगाह के इस्तेमाल से संबधित समझौते के क्रियान्वयन पर भी काम करना चाहिए।”
विपक्ष ने द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिए भारत और चीन के लिए विशेष दूत भेजने के सरकार के निर्णय का स्वागत किया। विपक्ष ने कहा कि विशेष दूतों को द्विपक्षीय समझौते लागू करने के लिए दोनों देशों की सरकारों के साथ चर्चा कर इस अवसर का लाभ उठाना चाहिए।
उपप्रधानमंत्री कृष्ण बहादुर महारा सोमवार को चीन के लिए रवाना हो रहे हैं। वह वहां चीनी अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक में हिस्सा लेंगे। इसकी जानकारी उनके मीडिया सलाहकार त्रिभुवन पौडल ने दी।
इसी तरह, उपप्रधानमंत्री बिमलेंद्र निधि, भारतीय अधिकारियों से बातचीत करने इस हफ्ते भारत जा रहे हैं।
उपप्रधानमंत्री महारा, जो कि सीपीएन (माओवादी सेंटर) से संबंधित हैं, के पास वित्त विभाग है, जबकि नेपाली कांग्रेस के नेता उपप्रधानमंत्री निधि, प्रचंड की तीन अगस्त को सत्ता में आई नई गठबंधन सरकार में गृह मंत्रालय देख रहे हैं।
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