रूसी समाचार एजेंसी स्पुतनिक ने सैन्य विशेषज्ञ दमित्रि कोर्नेव के हवाले से बताया कि नई मिसाइल का निर्माण दुश्मनों के युद्धपोतों, रडार स्टेशनों को नष्ट करने और बमवर्षकों के रडार सिगन्ल को क्षतिग्रस्त करने के लिए किया गया है। रूस की केएच-32 मिसाइल 40 किलोमीटर तक की ऊंचाई तक जाकर क्षतिज (हॉरीजान्टल) उड़ान भरते हुए लक्ष्य को भेदेगी।
रिपोर्ट के मुताबिक, इस क्रूज मिसाइल को टैक्टिकल मिसाइल कॉर्पोरेशन के राडुगा मिलिट्री डिजाइन ब्यूरो ने तैयार किया है।
मौजूदा समय में नई मिसाइल का परीक्षण लगभग पूरा होने वाला है।
गौरतलब है कि केएच-32 का विकास 1990 के शुरुआती दशक में शुरू किया गया था।
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