लंदन, 27 अगस्त (आईएएनएस)। 3000 फुट ऊंचे पहाड़ से उतरने के दौरान एक व्यक्ति ने रास्ता खोजने (नेविगेशन) के लिए एक स्मार्टफोन एप का प्रयोग किया, जिसमें शायद गलत रास्ता दिखा दिया गया था, जिसके कारण उसकी पत्नी की मौत हो गई।
वेबसाइट ‘टेलीग्राफ डॉट को डॉट यूके’ की रपट के मुताबिक, जब यह दुखद घटना घटी तब जेन विल्सन और उनके पति गैरी मार्च में वेल्स में स्थित स्नोडानिया की ट्रायफन चोटी से उतरने के लिए सुरक्षित रास्ता तलाश रहे थे। मामले की जांच जारी है।
विल्सन कागज के नक्शे के स्थान पर ऑर्डनेंस सर्वे के स्मार्टफोन एप की मदद ले रहे थे।
रपट के मुताबिक, गैरी ने जांचकर्ता अधिकारी को बताया कि उनकी पत्नी सुरक्षित मार्ग की तलाश में उनसे थोड़ा आगे चली गईं।
गैरी ने बताया, “मैंने पूछा, ‘क्या यह सही है? क्या यह सुरक्षित है?’ और हमने फैसला किया कि हम तभी आगे बढ़ेंगे, जब हम दोनों को वह रास्ता सही लगेगा।”
गैरी ने बताया कि उन्होंने पहले एक आवाज सुनी और फिर उसके बाद चट्टान गिरने की एक दूसरी आवाज सुनी।
मैनचेस्टर युनिवर्सिटी में लाइब्रेरियन के रूप में कार्यरत जेन खड़ी चोटी से 30 फुट नीचे गिर गई थीं, जिसके कारण उनकी खोपड़ी की हड्डी टूट गई थी और उन्हें कई अन्य गंभीर चोटें भी आई थीं।
ऑर्डनेंस सर्वे में निदेशक एंड्र लवलेस ने कहा, “हमें मिस्टर विल्सन को हुई इस क्षति पर अफसोस है और हम उनके और उनके परिवार के प्रति अपनी संवेदना प्रकट करते हैं।”
उन्होंने कहा, “हम अपने ग्राहकों को स्थान का कागज का नक्शा साथ में रखने के लिए कहते हैं।”
विल्सन अपनी पत्नी के गिरने के बाद एक सुरक्षित स्थान पर आ गए और उन्होंने मदद की गुहार लगाई, जिसके बाद ‘ओगवेन वैली माउंटेन रेस्क्यू टीम’ के सदस्यों ने उन्हें बचा लिया।
उनकी पत्नी का शव 500 फुट नीचे मिला था।
बचाव दल ने कहा है कि किसी भी प्रकार के इलैक्ट्रॉनिक उपकरण के स्थान पर कागज के नक्शे और कम्पास (दिशा सूचक यंत्र) का प्रयोग करना चाहिए।
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