नेपेडा, 31 अगस्त (आईएएनएस)। म्यांमार में सभी जातीय समूहों को एकजुट करने और बातचीत के जरिए एक लोकतांत्रिक संघीय यूनियन बनाने के मकसद से पांगलांग में आयोजित शांति सम्मेलन बुधवार को शुरू हो गया।
इस चार दिवसीय सम्मेलन में सरकार, संसद, सेना, राजनीतिक दलों, सशस्त्र एवं निहत्थे जातीय संगठनों और नागरिक समाज के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। इसमें भाग लेने वालों की संख्या करीब 1600 है।
सम्मेलन के उद्घाटन समारोह में अन्य लोगों के साथ राष्ट्रपति यू हितेन क्याव और दो उपराष्ट्रपति भी मौजूद थे।
इस कार्यक्रम में 17 जातीय सशस्त्र संगठन हिस्सा ले रहे हैं। इनमें राष्ट्रीय संघर्षविराम संधि पर हस्ताक्षर करने वाले आठ संगठन और हस्ताक्षर न करने वाले सात संगठन शामिल हैं। इसका प्रतिनिधित्व युनाइटेड नेशनलिटीज फेडरेशन काउंसिल (यूएनएफसी) के साथ-साथ मोंगला और वा समूह कर रहे हैं।
इस सम्मेलन में संयुक्त राष्ट्र की एजेंसियों के प्रतिनिधि और म्यांमार में रहने वाले विदेशी राजनयिक भी भाग ले रहे हैं।
म्यांमार की राष्ट्रीय सलाहकार आंग सान सू की, दोनों सदनों के अध्यक्ष यू विन मिंट व यू मान विनकैंग थान, रक्षा प्रमुख वरिष्ठ जनरल मिन आंग ह्लाइंग, काइन नेशनल युनियन सा मुतु साइ फाई के अध्यक्ष और काचिन इंडिपेंडेंस ऑर्गनाइजेशन (केआईओ) के उपाध्यक्ष एन बान ला, सत्तारूढ़ नेशनल लीग फॉर डेमोक्रेसी (एनएलडी) के संरक्षक यू तिन औ के साथ ही संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की-मून ने उद्घाटन समारोह को संबोधित किया।
यूनियन पीस डॉयलॉग जॉयंट कमेटी, जॉयंट मॉनिटरिंग कमेटी और इस सम्मेलन की तैयारी समिति राजनीतिक संवाद की रूपरेखा पर अपनी रपट पेश करेगी।
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