उज्बेक सरकार की ओर से बताया गया कि करिमोव का अंतिम संस्कार ऐतिहासिक शहर समरकंद में शनिवार को किया जाएगा, जहां उनका जन्म हुआ था। सरकार की ओर से जारी बयान में शनिवार से ही तीन दिन के शोक की घोषणा की गई है।
करिमोव 1991 से ही उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति थे। उन्हें शनिवार को मस्तिष्काघात हुआ था।
सरकार ने रविवार को अपनी वेबसाइट पर बताया था कि राष्ट्रपति को चिकित्सा जांच के लिए अस्पताल ले जाया गया है।
करिमोव की बेटी लोला करिमोव-तिलयायेवा ने सोमवार को अपने फेसबुक पेज पर पिता के अस्पताल में होने की पुष्टि करते हुए लोगों से उनके स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना करने को कहा था।
वहीं, सरकार ने शुक्रवार को करिमोव के निधन से पहले बताया था कि उनकी हालत खराब हुई है और वह गंभीर स्थिति में हैं।
देश में क्रांतिकारी परिवर्तन लाने वाले नेता के रूप में जाने जाने वाले करिमोव का जन्म 30 जनवरी, 1938 को हुआ था। उन्होंने सेंट्रल एशियन पॉलिटेक्निक इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा प्राप्त की और ताशकंद इंस्टीट्यूट ऑफ नेशनल इकोनॉमी से स्नातक होने के बाद आर्थिक विज्ञान में पीएचडी किया।
मार्च 1990 में सुप्रीम काउंसिल ऑफ उज्बेक सोवियत सोशलिस्ट रिपब्लिक ने करिमोव को उज्बेक सोवियत सोशलिस्ट रिपब्लिक का अध्यक्ष चुना।
करिमोव ने 31 अगस्त, 1991 को उज्बेकिस्तान की स्वतंत्रता की घोषणा की। उसी साल 30 दिसंबर को आम चुनाव में वह उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति निर्वाचित हुए।
मार्च 1995 में एक जनमत संग्रह के जरिये उनका कार्यकाल साल 2000 तक बढ़ा दिया गया। इसके बाद 2007 और 2015 में वह पुन: उज्बेकिस्तान के शीर्ष नेता निर्वाचित हुए।
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