लंदन, 3 सितम्बर (आईएएनएस)। ग्रैंथम के बिशप इंग्लैंड के पहले ऐसे बिशप हैं, जिन्होंने खुद को समलैंगिक कहा है और उन्होंने यह भी कहा है कि उनका किसी के साथ समलैंगिक संबंध है।
बीबीसी द्वारा शुक्रवार को जारी एक रपट के अनुसार, पिछले वर्ष कैंटरबरी के आर्चबिशप जस्टिन वेल्वी ने बिशप निकोलस कैंबरलेन को प्रतिष्ठित किया था। उन्होंने कहा कि वह बिशप के यौनेच्छा को जानते हैं। बिशप पद ईसाई धर्म में सहायक धर्माध्यक्ष का होता है।
आर्चविशप ने कहा, “वह लंबे समय से और प्रतिबद्ध रिश्ते में हैं।”
बिशप कैंबरलेन ने कहा है कि वह चर्च के दिशा-निर्देशों का पालन करते हैं, जो कहता है कि पादरी को अनिवार्य रूप से अविवाहित रहना होगा।
आर्चबिशप ने यह भी कहा, “ग्रैंथम के बिशप के रूप में उनकी नियुक्ति उनके कौशल और ‘चर्च इन द डायोसिसिस ऑफ लिंकन’ की सेवा की जीवन वृत्ति के आधार पर की गई है।”
वह बिशप के दिशा-निर्देशों के अनुसार रहते हैं और उनकी यौनेच्छा उनके पद के लिए पूरी तरह अप्रासंगिक है।
चर्च ऑफ इंग्लैंड के एक प्रवक्ता ने कहा, “निकोलस ने किसी को गलत जानकारी नहीं दी है । वह खुले और सच्चे हैं। यह मामला गोपनीय नहीं है। हालांकि यह भी रिश्तों की तरह ही निजी है।”
बिशप कैंबरलेन ने यह खुलासा गार्जियन के साथ एक साक्षात्कार में किया है और बताया जाता है कि उन्होंने साक्षात्कार इसलिए दिया, क्योंकि उनके निजी जीवन का खुलासा रविवार तक एक अखबार करने ही वाला था।
उन्होंने अखबार से कहा, “लोगों को मालूम है कि मैं समलिंगी हूं। लेकिन यह कोई ऐसा काम नहीं है, जिसे मैंने किसी के साथ किया है। मैं जो हूं उसका हिस्सा लैंगिकता भी है, लेकिन यह मेरी सेवा है जिस पर मैं केंद्रित होना चाहता हूं।”
यह माना जाता है कि पदासीन किसी भी बिशप ने अपने अंतरंग विचार सार्वजनिक नहीं किए थे। यार्क के पूर्व आर्कबिशप लॉर्ड ने 1995 में कहा था कि उनकी लैंगिक पहचान संदिग्ध थी।
dharmpath.com dharmpath