वाशिंगटन, 7 सितम्बर (आईएएनएस)। अमेरिका ने एक बार फिर कहा है कि वह मुंबई में 26 नवंबर, 2008 को हुए आतंकवादी हमले पर पाकिस्तान से जवाबदेही चाहता है, जिसमें 166 लोगों की मौत हुई थी।
अमेरिका ने हालांकि आतंकवादियों के सफाए में नाकाम रहने के लिए पाकिस्तान पर प्रतिबंध की लगाने की संभावना से इनकार कर दिया।
अमेरिकी विदेश मंत्रालय के उप प्रवक्ता मार्क टोनर ने सोमवार को संवाददाताओं से कहा, “हम इस बात को लेकर बेहद स्पष्ट हैं कि हम मुंबई हमलों के सिलसिले में न्याय तथा जवाबदेही चाहते हैं। इस हमले में जान गंवानेवालों में अमेरिकी नागरिक भी थे।”
टोनर से विदेश मंत्री जॉन केरी की हालिया भारत यात्रा के दौरान इस बारे में उनके द्वारा की गई टिप्पणी के संदर्भ में सवाल पूछे गए थे।
केरी 30 अगस्त को दूसरे भारत-अमेरिका रणनीतिक एवं वाणिज्यिक संवाद में हिस्सा लेने के लिए नई दिल्ली में थे।
टोनर ने कहा, “हमने आतंकवाद से मुकाबले के लिए अपनी साझेदारी बढ़ाई है, जिसमें भारत और पाकिस्तान के बीच खुफिया जानकारी साझा करना भी शामिल है।”
टोनर ने हालांकि यह भी कहा कि अमेरिका, इस्लामाबाद पर प्रतिबंध लगाने का विचार नहीं कर रहा है और सभी आतंकवादी संगठनों के खिलाफ अतिरिक्त प्रयास करने की जरूरत के बारे में पाकिस्तान के साथ वाशिंगटन बहुत स्पष्ट रूप से बात करता है।
उन्होंने कहा, “अगर आप मुझसे पूछ रहे हैं कि क्या हम पाकिस्तान पर प्रतिबंध के बारे में सोच रहे हैं। तो नहीं.. हम पाकिस्तान के साथ मिल कर काम कर रहे हैं, हम अपनी चिंता स्पष्ट कर रहे है कि उन्हें सभी आतंकवादी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई करने की जरूरत है।”
टोनर ने यह भी कहा कि उन्होंने इस संबंध में कुछ प्रयासों में प्रगति देखी है। इसके साथ ही वे वार्ता को जारी रखेंगे।
मुंबई हमले को पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा के 10 आतंकवादियों ने अंजाम दिया था। इनमें से एक आतंकवादी अजमल कसाब को जिंदा गिरफ्तार कर लिया गया था और भारतीय न्याय प्रणाली के तहत उसे फांसी की सजा दी गई। अन्य आतंकवादी सुरक्षा बलों की कार्रवाई में मारे गए थे।
टोनर के अनुसार, पाकिस्तान ने वाशिंगटन को इस बात का आश्वासन दिया है कि उनके इरादे उनकी सरजमीं पर पनपने वाले सभी आतंकवादी संगठनों का खात्मा करने के हैं।
पाकिस्तान ने हालांकि यही कहता आ रहा है कि भारत ने आतंकवादियों के खिलाफ पर्याप्त सबूत उपलब्ध नहीं कराया है और उसका कहना है कि राजनयिक माध्यमों से सबूत उपलब्ध कराने के बाद ही कोई कार्रवाई संभव है।
इन हमलों के मुख्य साजिशकर्ता जकीउर रहमान लखवी को पाकिस्तान में नौ अप्रैल, 2015 को जमानत दे दी गई।
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