हीरो एमटीबी हिमालया : खिताब के दावेदार इन सितारों पर होगी नजर

नई दिल्ली, 18 सितम्बर (आईएएनएस)। हिमालय की दुरूह पहाड़ियों में बेहद कठिन और चुनौतीपूर्ण मार्गो से होकर गुजरने वाली देश की सबसे कठिन माउंटेन बाइक रैली हीरो एमटीबी हिमालया अपने 12वें संस्करण के लिए पूरी तरह तैयार है।

नई दिल्ली, 18 सितम्बर (आईएएनएस)। हिमालय की दुरूह पहाड़ियों में बेहद कठिन और चुनौतीपूर्ण मार्गो से होकर गुजरने वाली देश की सबसे कठिन माउंटेन बाइक रैली हीरो एमटीबी हिमालया अपने 12वें संस्करण के लिए पूरी तरह तैयार है।

हिमालयन एडवेंचर स्पोर्ट्स एंड टूरिज्म प्रोमोशन एसोसिएशन (एचएसटीपीए) द्वारा आयोजित एमटीबी हिमालया रैली का 12वां संस्करण 24 सितंबर से शुरू हो रहा है और हर बार की तरह इस बार भी देश-विदेश के शीर्ष साइकिलिस्ट इसमें हिस्सा लेते नजर आएंगे।

उल्लेखनीय है कि आयोजकों ने इस बार रेस के मार्ग में परिवर्तन किया है और यह शिमला से शुरू होकर हिमाचल की वादियों में दुरूह रास्तों से होते हुए प्रमुख तिब्बती धर्मस्थल धर्मशाला में संपन्न होगा। आठ चरणों में 650 किलोमीटर लंबी इस रैली के दौरान अंतर्राष्ट्रीय साइकिलिस्ट 15,000 मीटर का एलिवेशन हासिल करेंगे।

अंतर्राष्ट्रीय स्तर के शीर्ष साइकिलिस्टों की पसंदीदा रैली बन चुके हीरो एमटीबी हिमालया में इस बार भी कई धुरंधर साइकिलिस्ट शामिल होंगे, जिसमें पूर्व विजेता कोरी वालास से लेकर भारत की सबसे बड़ी उम्मीद देवेंद्र ठाकुर भी शामिल हैं।

आइए नजर डालते हैं इस बार हीरो एमटीबी हिमालया रैली में हिस्सा लेने वाले कुछ स्टार साइकिल रेसरों पर-:

1. कोरी वालास : कनाडा के 32 वर्षीय अनुभवी साइकिलिस्ट कोरी वालास 2014 में हीरो एमटीबी हिमालया रैली विजेता रह चुके हैं। ब्रिटिश कोलंबिया में होने वाली अंतर्राष्ट्रीय बीसी बाइक रेस जीत चुके वालास यहां फिर से खिताब जीतना चाहेंगे।

दो बार कनाडा मैराथन नेशनल चैम्पियन रह चुके वालास ने एमटीबी हिमालया रैली के लिए मंगोलिया बाइक चैलेंज, टूर ऑफ तिमोर और टूर ऑफ ड्रैगन में कठिन अभ्यास किया है।

2. आंद्रियास हार्टमैन : जर्मनी के हार्टमैन एमटीबी हिमालया रैली में पहली बार हिस्सा ले रहे हैं। वह टीम ऑफ टू श्रेणी में रेस करेंगे। कनाडा के सिंगलट्रैक 6 रेस में तीसरे स्थान पर रहे और आस्ट्रिया के बाइक फोर पीक्स में शीर्ष-10 में जगह बनाने वाले हार्टमैन यहां एक अच्छी रेस की उम्मीद के साथ आए हैं।

हार्टमैन लंबी रैलियों में हिस्सा लेना पसंद करते हैं और उन्हें खिताब के प्रबल दावेदारों में माना जा सकता है।

3. कैथरीन विलियमसन : दुनिया की सर्वश्रेष्ठ साइकिल रेसरों में शुमार कैथरीन पिछले वर्ष एमटीबी हिमालया रैली की विजेता रहीं। 34 वर्षीय ब्रिटिश साइकिलिस्ट कैथरीन इस बार अपने खिताब को बचाने उतरेंगी और निश्चित तौर पर नया ट्रैक उन्हें नई चुनौतियों से रूबरू कराएगा।

द बाइसिकिल कंपनी टीम के लिए स्कॉट स्पार्क बाइक पर रेस करने वाली कैथरीन 2014 में एबीएसए केप इपिक रेस विजेता रही हैं और दक्षिण अफ्रीका का जोबर्ग 2सी रेस उनकी पसंदीदा रैली है। वह हीरो एमटीबी हिमालया रैली के आगामी संस्करण में ओपन वुमन सोलो श्रेणी में रेस करेंगी।

4. नाइमा मैडलेन डीज्नेर : जर्मनी की युवा साइकिलिस्ट मैडलेन इस वर्ष शानदार फॉर्म में चल रही हैं और उन्हें कैथरीन के मार्ग में सबसे बड़ी चुनौती माना जा सकता है। मैडलेन हालांकि हीरो एमटीबी हिमालया में पहली बार हिस्सा ले रही हैं।

मैडलेन इस वर्ष अंदालूसिया बाइक रेस की टीम स्पर्धा में चौथे स्थान पर रहीं, जर्मनी में ट्रांस श्वार्जवाल्ड रैली में पाचवां स्थान हासिल किया और प्रतिष्ठित माउंटेन बाइकिंग ‘ट्रांस आल्प’ में इसी वर्ष वह कुछ चरण जीतने में भी सफल रहीं।

मैडलेन भारत से लगाव के चलते भी यहां रेस करने आ रही हैं, जिसके लिए उन्हें अपने घर वालों से प्रेरणा मिली।

5. जेसन इंग्लिश : आस्ट्रेलिया के अनुभवी साइकिलिस्ट जेसन पहली बार हीरो एमटीबी हिमालया रैली का हिस्सा बनने जा रहे हैं। जेसन 2009 से 2016 तक लगातार 24 आवर सोलो वर्ल्ड चैम्पियन हैं। इसके अलावा वह 2011 और 2013 में आस्ट्रेलियन मैराथन चैम्पियनशिप विजेता भी रह चुके हैं।

आस्ट्रेलिया के तटवर्ती कस्बे में अंग्रेजी के शिक्षक जेसन को सिंगल ट्रैक वाले रेस बेहद पसंद हैं। हालांकि एमटीबी हिमालया रैली की ऊंचाई उनके लिए किसी चुनौती से कम नहीं होगी।

6. देवेंद्र ठाकुर : मेजबान भारत का यह युवा प्रतिभाशाली साइकिलिस्ट मौजूदा सत्र में बेहतरीन फॉर्म में चल रहा है। शिमला के रहने वाले देवेंद्र इससे पहले भी एमटीबी हिमालया रैली में हिस्सा ले चुके हैं।

देवेंद्र ने इसी वर्ष अप्रैल में लगातार तीसरी बार एमटीबी शिमला रैली जीती। इसी साल देवेंद्र ट्रेल्स एंड डस्ट एमटीबी चैलेंज में भी लगातार तीसरी बार चैम्पियन बनकर उभरे। निश्चित तौर पर यह दोनों जीत देवेंद्र के लिए ऊर्जा का काम करेगी और वह अंतर्राष्ट्रीय साइकिलिस्टों के लिए कठिन चुनौती साबित होंगे।

2005 में छोटे स्तर से शुरू हुई यह रैली आज दुनिया की सबसे कठिन बाइक रैलियों में शुमार हो चुकी है और बड़ी संख्या में विदेशी साइकिलिस्टों को आकर्षित कर रही है। इस बार ‘किंग ऑफ हिमालया’ और ‘क्वीन ऑफ हिमालया’ का ताज किसे मिलेगा यह तो वक्त ही बताएगा, लेकिन इतना तो तय है कि भारतीय बाइक रेस में यह एक नया कीर्तिस्तंभ जरूर साबित होगा।

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