बुरी आदतें ले आती हैं दिल का दौरा

नई दिल्ली, 21 सितंबर (आईएएनएस)। अगर जीवनशैली में सुधार कर लिया जाए तो दिल की बीमारी ठीक हो सकती है। कुछ ऐसी आदतें हैं, जिन्हें बदलकर दिल के दौरे को टाला जा सकता है, जिनमें धूम्रपान, शराब का सेवन, आहार में फल और सब्जियों की कमी और देर तक एक ही जगह बैठे रहने वाली जीवनशैली भी शामिल हैं।

यह कहना है इंडियन मंडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के मनोनीत राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. के.के. अग्रवाल का। उन्होंने कहा कि 90 प्रतिशत लोगों को बुरी आदतों से किसी या कुछ अन्य चीजों की वजह से दिल का दौरा पड़ता है। अपनी आदतों में सुधार कर दिल की बीमारियों से बचा जा सकता है।

डॉ. अग्रवाल ने बताया, “दिल के रोगों के ज्यादातर खतरों में सुधार किया जा सकता है। छोटी उम्र में ही दिल के रोगों का मुख्य कारण है युवा पीढ़ी की गैर-सेहतमंद जीवनशैली। आज के युवाओं की जीवनशैली में आहार के रूप में जंक फूड, तनावपूर्ण नौकरी, व्यायाम और नींद की कमी और सिगरेट व शराब पर अत्यधिक निर्भरता शामिल है। अगर इस जीवनशैली से होने वाले खतरों से युवाओं को परिचित करवाया जाए और समय रहते जीवनशैली में बदलाव किया जाए तो दिल के दौरे से बचा जा सकता है।”

उन्होंने कहा कि धूम्रपान छोड़ने से दिल के दौरे और स्टरोक दोनों का खतरा कम हो जाता है। धूम्रपान छोड़ने के एक साल के अंदर-अंदर ही दिल के दौरे और मौत का खतरा आधा रह जाता है।

डॉ. अग्रवाल ने कहा कि खाली समय में की जाने वाली गतिविधियों और दिल के रोगों में प्रतिगामी संबंध देखा गया है। इसी के मद्देनजर हार्ट केयर फाउंडेशन एक मिनट में 80 कदम और दिन में 80 मिनट तक सैर करने की सलाह देता है।

जिन महिलाओं और पुरुषों में 10 साल के अंदर पहला हार्ट अटैक होने की आशंका 6 प्रतिशत होती है, को जीवनशैली बदलने के साथ ही हार्ट अटैक से बचने के लिए प्रथामिक उपचार के तौर पर एस्प्रिन देने की सलाह दी जाती है।

डॉ. अग्रवाल की सलाह है कि दिल का दौरा टालने के लिए ’80’ का फार्मूला याद रखें :

1. निम्नतम रक्तचाप, बुरे कोलेस्ट्रॉल का स्तर, आराम की स्थिति में धड़कन, खाली पेट शुगर और कमर का घेरा सभी 80 से कम रखें।

2. गुर्दो और फेफड़ों की कार्यप्रणाली 80 प्रतिशत तक बनाए रखें।

3. नियमित तौर पर व्यायाम करें। दिन में 80 कदम हर रोज सैर करें।

4. हर आहार में 80 ग्राम से ज्यादा कैलोरी न लें। उच्च फाइबर, कम सैचुरेटेड फैट्स, कम रिफाइंड कार्बोहाइडेट्स और नमक वाला आहार लें।

5. साल में 80 दिन अनाज का उपवास रखें।

6. दिन में प्राणायाम के 80 चक्र करें।

7. आराम करने, ध्यान लगाने और दूसरों की मदद करते हुए अपने आप के साथ दिन में 80 मिनट बिताएं।

8. धूम्रपान न करें या फिर इलाज के लिए 80,000 रुपये खर्च करने के लिए तैयार रहें।

9. जो लोग शराब का सेवन करते हैं और छोड़ना नहीं चाहते, वे प्रतिदिन 80 एमएल से ज्यादा शराब न पीएं, महिलाएं पुरुषों के मुकाबले 50 प्रतिशत कम सेवन करें और एक हफ्ते में 80 ग्राम से ज्यादा न लें। 30 मिलीलीटर शराब में 10 ग्राम अल्कोहल होता है या 80 प्रूफ लीकर में एक औंस होता है।

10. अगर बचाव के लिए एस्प्रिन की सलाह दी गई हो तो 80 एमजी की ही डोज लें और डॉक्टर के कहने पर ही 80 एमजी एटोरवॉस्टाटिन का प्रयोग करें।

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