संयुक्त राष्ट्र/इस्लामाबाद, 24 सितम्बर (आईएएनएस)। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने न्यूयॉर्क में अपनी बैठकों में कश्मीर मुद्दा उठाने के लिए अपने स्तर से अधिकतम प्रयास किया, लेकिन उड़ी हमले ने उनके इस अभियान को प्रभावित किया है।
कश्मीर पर व्यापक लॉबिंग करने के लिए पांच दिनों तक संयुक्त राष्ट्र में और विश्व के नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकों के बाद शुक्रवार को शरीफ न्यूयॉर्क से चले गए।
डॉन अखबार के मुताबिक, शरीफ के कश्मीर मुद्दे को विशिष्ट रूप से दर्शाने के प्रयासों के बावजूद 18 सितंबर को उड़ी के भारतीय सैन्य शिविर पर हुए आतंकी हमले के कारण उसका प्रभाव उतना नहीं पड़ा, जितना पड़ा होता।
हमलों से पहले अमेरिका के प्रमुख अखबारों एवं टेलीविजन चैनलों ने कश्मीर पर सिलसिलेवार ढंग से कई रपट एवं लेख चलाए। वे सभी कश्मीर में मौजूदा अशांति एवं सुरक्षा बलों के साथ झड़पों में हुई मौतों पर केंद्रित थीं। जिनमें करीब 90 लोगों की मौत हुई थी और सैकड़ों घायल हुए हैं।
उड़ी हमले के बाद उनका ध्यान आतंकवाद पर और क्षेत्र में संभावित परमाणु टकराव पर केंद्रित हो गया।
अमेरिका ने पाकिस्तान से 18 सितंबर के आतंकी हमले की जांच में भारत से सहयोग करने और लश्कर-ए-तैयबा एवं जैश-ए-मोहम्मद जैसे जिन आतंकी गुटों पर बाहर का ध्यान केंद्रित है, उनके खिलाफ तत्काल कदम उठाने का आग्रह किया।
बयान में कहा गया है, अमेरिका आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए भारत सरकार के साथ हमारी मजबूत साझेदारी के लिए प्रतिबद्ध है।
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