आईएसएल : एटलेटिको ने चेन्नयन एफसी को 2-2 से बराबरी पर रोका

बीते साल आईएसएल का खिताब जीतने वाली चेन्नयन एफसी 86वें मिनट तक आगे चल रही थी लेकिन जेरी लालरिंजुआला द्वारा बॉक्स में समीध दोउते को गिराए जाने के बाद हासिल पेनाल्टी पर कोलकाता ने गोल करते हुए अपनी हार टाल दी।

कोलकाता के लिए विजयी गोल इयान हुमे ने किया। रेफरी ने बिना किसी देरी के जेरी की इस गलती पर पेनाल्टी दिया, जिस पर हुमे ने कोई गलती नहीं की। इस गोल के बाद कोलकाता के फुटबाल प्रेमियों की खुशी देखने लायक थी।

जैसी की उम्मीद थी, दो चैम्पियन टीमों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली। कोलकाता जहां बीते साल सेमीफाइनल में चेन्नई के हाथों मिली हार का हिसाब बराबर करने को आतुर था वहीं बीते साल एफसी गोवा सिटी को हराकर पहली बार इस खिताब पर कब्जा जमाने वाली चेन्नई की टीम अपना विजयी अभियान जारी रखने की कोशिश में थी।

फाउल के साथ शुरू हुए इस मैच का पहला हाफ वैसे कोलकाता के नाम रहा लेकिन बीतते वक्त के साथ चेन्नई ने भी मौजूदा चैम्पियन होने की धमक दिखानी शुरू कर दी। घरेलू हालात में खेल रहे होने के कारण कोलकाता को मनोवैज्ञानिक बढ़त प्राप्त थी और इसी का फायदा उठाकर उसने पहली सफलता हासिल की लेकिन चेन्नई ने कुछ ही मिनटों के बाद न सिर्फ बराबरी की बल्कि आगे भी निकल गया।

जेरी ने अंतिम पलों में अगर गलती नहीं की होती तो यह मैच चेन्नई के नाम होता लेकिन कोलकाता की भी तारीफ करनी होगी कि पिछड़ने के बाद उसने बेहतरीन खेल दिखाया और लगातार हमले किए। इसी का फायदा उसे उस समय मिला जब दोउते को मूव बनाने से रोकने के प्रयास में जेरी फाउल कर बैठे।

बहरहाल, कोलकाता के लिए उसके दक्षिण अफ्रीकी मिडफील्डर दोउते ने मैच का पहला गोल किया जबकि चेन्नई के लिए भारतीय विंगर जयेश शाह और डच खिलाड़ी हैंस मुल्डेर ने गोल किए। मैच का पहला गोल दोउते ने 59वें मिनट में किया जबकि राणे ने 66वें और मुल्डेर ने 70वें मिनट में गोल करते हुए अपनी टीम को आगे कर दिया था।

दोउते ने यह गोल हेल्डर पोस्तीगा के पास पर किया। दोउते ने पोस्टीगा से क्रास पास मिलने के बाद बड़े संयम के साथ अपने लिए जगह बनाई और चेन्नयन एफसी के गोलकीपर ड्वायन केर को छकाने में सफल रहे।

दूसरी ओर, राणे ने चेन्नई के लिए बराबरी का गोल जेजे लालपेखलुवा के पास पर किया। भारतीय टीम के सदस्य राणे हालांकि पास मिलने के बाद गेंद पर जोरदार प्रहार नहीं कर सके लेकिन वह खुशकिस्मत रहे कि गेंद कोलकाता के गोलकीपर देबजीत मजूमदार को छकाकर गोलपोस्ट में घुस गई।

इस गोल ने मानो चेन्नई के मनोबल में चार चांद लगा दिया और इसी का नतीजा था कि मुल्डेर ने 70वें मिनट में एक जोरदार प्रहार कोलकाता के गोलपोस्ट पर किया। गेंद वैसे तो सीधे मजूमदार के पास जा रही थी लेकिन इसी बीच जोस अरोयो ने हेडर के जरिए गेंद को गोलपोस्ट से परे ढकेलने के प्रयास में गलती से उसका मार्ग बदल दिया और गेंद नेट में घुस गई।

ओरोयो का यह प्रयास कोलकाता को काफी भारी पड़ता दिख रहा था लेकिन अंतिम पलों में मिले पेनाल्टी ने उसे हार से बचा लिया। यह मैच दो श्रेष्ठ टीमों के बीच वर्चस्व का प्रतीक बना। यही कारण था कि हर खिलाड़ी अपना पूरा दमखम लगा रहा था और कई मौकों पर अनावश्यक दमखम का भी उपयोग किया गया। यही कारण रहा कि इस मैच में कुल छह पीले कार्ड दिखाए गए।

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