ओहसूमी को फिजियोलॉजी व मेडिसिन क्षेत्र में मेकेनिज्म ऑफ ऑटोफैगी के लिए इस साल के नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। ऑटोफैगी कैंसर सहित कई नए उपचार की संभावनाओं का मार्ग प्रशस्त करती है।
उन्होंने एक प्रेस सम्मेलन में कहा कि उन्हें इस क्षेत्र में संकट की एक मजबूत भावना का अनुभव हो रहा है, क्योंकि जापान में युवा अनुसंधानकर्ताओं की संख्या कम हो रही है और खासतौर पर युवा शोधार्थियों के लिए वित्त पोषण भी कम हो रहा है।
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