इस्लामाबाद, 6 अक्टूबर (आईएएनएस)। पूरी दुनिया में कूटनीतिक रूप से पाकिस्तान के अलग-थलग होते जाने की बात को स्वीकार करते हुए पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने आईएसआई व सेना को आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई करने और 2008 के मुंबई आतंकी हमले और 2016 के पठानकोट आतंकी हमले की जांच जल्द पूरी करने को कहा है।
पाकिस्तान के समाचार पत्र ‘डॉन’ ने सूत्रों के हवाले से गुरुवार को कहा कि इंटर सर्विस इंटेलिजेंस (आईएसआई) प्रमुख जनरल रिजवान अख्तर के साथ नागरिक अधिकारियों की एक उच्चस्तरीय बैठक में शरीफ ने खुले और स्पष्ट शब्दों में यह बात कही।
विदेश सचिव एजाज चौधरी ने बुधवार को चौंकाने वाली स्वीकारोक्ति में कहा, “पाकिस्तान कूटनीतिक अलगाव का सामना कर रहा है और दुनिया की प्रमुख राजधानियों में उसके द्वारा उठाए गए मुद्दों पर कोई प्रतिक्रिया व्यक्त नहीं की जा रही है।”
डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, चौधरी ने कहा कि यहां तक कि पाकिस्तान के सबसे करीबी चीन ने भी जैश-ए-मोहम्मदके सरगना मसूद अजहर पर प्रतिबंध लगाने पर संयुक्त राष्ट्र में बार-बार रोक लगाने के तर्क पर सवाल उठाया है।
यह बैठक भारत के साथ तनाव बढ़ने के बीच हुई है, जिसमें पंजाब के मुख्यमंत्री शहबाज शरीफ (नवाज शरीफ के छोटे भाई) और खुफिया एजेंसी के प्रमुख के बीच कड़ी शाब्दिक तकरार हुई।
‘डॉन’ ने कहा कि नागरिक सरकार ने सैन्य नेतृत्व वाली खुफिया एजेंसियों को खुली और अप्रत्याशित चेतावनी देते हुए कहा है कि ‘अगर कानून प्रवर्तन एजेंसियां प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई करती हैं तो वे हस्तक्षेप न करें।’ अभी तक इन संगठनों के खिलाफ कार्रवाई नागरिक संस्थाओं के अधिकार क्षेत्र से बाहर मानी जाती रही है।
समाचार पत्र के मुताबिक, “प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने पठानकोट जांच को पूरा करने के लिए नए प्रयास करने और रावलपिंडी की एक आतंकवाद रोधी अदालत में लटके मुंबई हमले के मुकदमे को फिर से शुरू करने का निर्देश दिया है।”
समाचार पत्र ने कहा कि सरकार ने सैन्य नेतृत्व को ‘पाकिस्तान के लिए बढ़ रहे अंतर्राष्ट्रीय अलगाव की सूचना दी है और सरकार के कई महत्वपूर्ण कामों पर आम सहमति की मांग की है।’
सरकार ने आईएसआई प्रमुख और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार नसीर जांजुआ को आईएसआई के सेक्टर कमांडरों के लिए संदेश लेकर पाकिस्तान के चारों प्रांतों में जाने को कहा है।
डॉन के मुताबिक, ये फैसले ‘पीएमएल-एन सरकार की ओर से’ सैन्य खुफिया एजेंसी आईएसआई और आतंकवादी समूहों को लेकर एक नए दृष्टिकोण का संकेत है।
चौधरी ने कहा कि अफगानिस्तान में सक्रिय हक्कानी नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई करने की अमेरिका की मांग के कारण अमेरिका से रिश्ते खराब हुए हैं और इनके और खराब होने का अंदेशा है।
डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, “चौधरी ने सलाह दी है कि हालांकि चीन ने पाकिस्तान के साथ अपना समर्थन दोहराया है, लेकिन उसने भी पाकिस्तान की कार्यप्रणाली में बदलाव की इच्छा का संकेत जताया है।”
चौधरी ने रेखांकित किया कि हक्कानी नेटवर्क के अलावा मसूद अजहर एवं जैश और साथ ही हाफिज सईद एवं लश्कर-ए-तैयबा के खिलाफ कार्रवाई प्रमुख अंतर्राष्ट्रीय मांगें हैं।
अखबार ने बताया कि शाहबाज शरीफ ने आईएसआई प्रमुख से शिकायत की कि जब भी नागरिक अधिकारियों द्वारा कुछ समूहों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है, सुरक्षा प्रतिष्ठान पर्दे के पीछे काम करते हैं और गिरफ्तार व्यक्तियों को मुक्त कर देते हैं।
डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, आईएसआई प्रमुख ने चेतावनी दी कि आतंकवादी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई को ‘भारतीय दबाव के आगे घुटने टेकने या कश्मीरी लोगों को छोड़ देने’ के तौर पर देखा जाएगा।
dharmpath.com dharmpath