संयुक्त राष्ट्र , 8 अक्टूबर (आईएएनएस)। अफगानिस्तान के कुंदुज शहर में हाल की लड़ाई के बाद बड़ी संख्या में लोगों के विस्थापन और उस शहर में फंसे लोगों की तेजी से खराब होती स्थिति पर संयुक्त राष्ट्र ने गहरी चिंता जताई है। संयुक्त राष्ट्र के मानवतावादी मामलों के समन्वय से जुड़े कार्यालय के एक प्रवक्ता ने यहां शुक्रवार को यह बात कही।
संयुक्त राष्ट्र के उप प्रवक्ता फरहान हक ने यहां एक दैनिक न्यूज ब्रीफिंग में कहा, “शुरुआती रिपोर्ट पता चलता है कि हाल के दिनों में करीब 10 हजार लोग वहां से भागकर काबुल, तालोकान और मजार-ए-शरीफ पहुंच रहे हैं।”
उन्होंने कहा, “मानवतावादी मामलों के समन्वय कार्यालय का कहना है कि अपने साथ अपना सामान लेकर आने में असमर्थ रहे। वैसे कई परिवारों की स्थिति संकटपूर्ण है।”
इनमें से कुछ को खुले में रात गुजारनी पड़ रही है और बहुत सारे लोग बगैर भोजन के हैं। हक ने कहा, इस बीच जो परिवार कुंदुज में फंसे हैं उन्हें पानी की कमी और बिजली के अभाव का सामना करना पड़ रहा है। इतना ही नहीं भोजन, ईंधन और स्वास्थ्य सेवाएं पाना उनके लिए मुश्किल होता जा रहा है।
उन्होंने कहा कि मानवतावादी कार्यालय साझीदारों के साथ मिलकर वहां सबसे खराब स्थिति वालों को मानवीय सहायता मुहैया कराने में समन्वय कर रहा है।
उत्तरी अफगानिस्तान के शहर कुंदुज में गत बुधवार को भी सुरक्षा बलों और तालिबान आतंकियों के बीच छिटपुट लड़ाई हुई। इसका आम नागरिकों पर बहुत खराब प्रभाव पड़ा है जो बगैर भोजन, पेयजल और अन्य सुविधाओं के हैं।
सूखों और झड़पों से पहले कुंदुज कभी अफगानिस्तान के खाद्यान उत्पादन वाले क्षेत्र के रूप में मशहूर रहा था।
खबरों में कहा गया है कि जब से फिर लड़ाई शुरू हुई है, तब से अधिकांश लोगों को भोजन और पानी की कमी का सामना करना पड़ रहा है। ब्रेड के एक टुकड़े की कीमत पांच गुना बढ़ गई है।
इस साल के शुरुआती छह महीने में हिंसा में 1600 से अधिक नागरिक मारे गए हैं और 3560 से अधिक लोग घायल हुए हैं। यह रिपोर्ट अफगानिस्तान में गत 25 जुलाई को अफगानिस्तान स्थित संयुक्त राष्ट्र मिशन ने जारी की थी।
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