केरल ने न सिर्फ हार की हैट्रिक बचाई बल्कि एक अंक अपने खाते में डालने में भी सफल रहा। केरला को इससे पहले खेले गए दोनों मुकाबलों में हार मिली थी।
वहीं अपने पहले मैच में मौजूदा चैम्पियन चेन्नयन एफसी को उसी के घर में 3-1 से हराने वाली दिल्ली के लिए यह ड्रॉ संतोषजनक नहीं होगा।
केरल का यह मैच देखने के लिए रविवार को स्टेडियम में करीब 60 हजार दर्शक पहुंचे। इतनी जबरदस्त संख्या में आए दर्शकों के बीच केरल ने मैच की शुरुआत अच्छी की और उसके मिडफील्डरों ने बेहतरीन क्रास दिए।
वहीं दिल्ली की टीम ने अपना स्वाभाविक पासिंग खेल खेला और गेंद को काफी समय तक अपने पास रखा। दोनों ही टीमों को गोल करने का मौका मिला लेकिन उनके फारवर्ड इनका फायदा नहीं उठा सके।
मैच का सबसे अहम क्षण केरल के नाम रहा। जोरू कुरियास के बेहतरीन पास पर बने मौके को माइकल चोपड़ा ने गंवा दिया। दिल्ली के गोलकीपर एंटोनियो डोबलास और माइकल 45वें मिनट में बिल्कुल आमने-सामने थे और डोबलास ने चोपड़ा के गोल करने की कोशिश को नाकाम कर दिया।
इंजुरी टाइम में केरल के सेड्रिक हेंगबार्ट को पीला कार्ड दिखाया गया। दूसरे हाफ में दिल्ली दूसरे गोलकीपर सोराम पोइरी अंगबा मोइतेई के साथ मैदान में उतरी।
67वें मिनट में ब्राजीलियाई स्टार ब्रूनो पेलीसारी पहली बार दिल्ली की तरफ से मैदान में उतरे। पेलीसारी को 83वें मिनट में पीला कार्ड तोहफे के तौर पर मिला जबकि उससे दो मिनट पहले माइकल चोपड़ा को पीला कार्ड दिखाया गया था। दोनों टीमों के बीच आगे निकलने की जबरदस्त प्रतिस्पर्धा के बीच अतिरिक्त मिनटों में दो पीले कार्ड दिखाए गए।
dharmpath.com dharmpath