एर्दोगन ने इस्तांबुल में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय कानून सम्मेलन के दौरान एक टेलीविजन भाषण में कहा, “तुर्की की इराक के साथ लगी 350 किलोमीटर लंबी सीमा लगातार खतरे में है।”
इराक के कड़े विरोध के बावजूद तुर्की के नेता ने कहा कि अंकारा अभियान में शामिल होगा और हमले के बाद हम मेज पर भी इकट्ठे होंगे।
उन्होंने कहा, “तुर्की के लिए इससे दूर रहना संभव नहीं है।”
वहीं, दूसरी ओर इराकी प्रधानमंत्री हैदर अल-अबादी ने भी किसी भी परिस्थिति में मोसुल को आजाद कराने की कार्रवाई में तुर्की को शामिल करने की अनुमति न देने की प्रतिबद्धता दोहराई है।
इराक और तुर्की के बीच यह तनाव इराक के दूसरे सबसे बड़े शहर मोसुल के पास बशीका शिविर पर तुर्की सैनिकों की मौजूदगी को लेकर बढ़ रहा है।
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