यूआईएमसी के जनसंपर्क विभाग के मुताबिक, “पतंग जमीनी इकाइयों और युद्धपोतो के लिए सूचना व संचार का प्रसार करने के लिए कई किलोमीटर ऊंचाई पर पहुंच सकती है। वे पहाड़ों, नदियों व कंदराओं के जरिए वीडियो रिकॉर्डिग और मौसम संबंधी अवलोकन करने के साथ ही दुर्गम इलाकों में माल स्थानांतरित कर सकती है।”
निगम ने बताया कि पतंगों का डिजाइन तूफानी मौसम में भी उनकी स्थिर उड़ान को सुनिश्चित करता है। विभिन्न समस्याओं को हल करने के लिए 30 से 250 वर्ग मीटर के आयामों और क्षमता वाले पतंगों का निर्माण किया गया है।
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