राजकोट टेस्ट : रूट और अली की बदौलत इंग्लैंड की वापसी (लीड-2)

राजकोट, 9 नवंबर (आईएएनएस)। जोए रूट (124) और मोइन अली (नाबाद 99) की बेहतरीन बल्लेबाजी की बदौलत इंग्लैंड ने भारत के खिलाफ चल रहे पहले टेस्ट मैच के पहले दिन बुधवार को खराब शुरुआत के बाद वापसी करते हुए दिन का खेल खत्म होने तक चार विकेट के नुकसान पर 311 रन बना लिए हैं।

सौराष्ट्र क्रिकेट संघ स्टेडियम में खेले जा रहे मैच में स्टम्प्स तक अली के साथ बेन स्टोक्स 19 रन बनाकर नाबाद लौटे।

भारतीय स्पिनरों ने दिन के पहले सत्र में इंग्लैंड के तीन बल्लेबाजों को आउट कर उन्हें बैकफुट पर धकेल दिया था। लेकिन बाकी के दो सत्रों में मेजबान गेंदबाजों को रूट और अली की जोड़ी ने विकेट के लिए तरसा दिया। दोनों ने चौथे विकेट के लिए 179 रनों की साझेदारी कर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया।

रूट और मोइन ने दूसरे सत्र में एक भी विकेट नहीं गिरने दिया। तीसरे सत्र में रूट शतक पूरा करने के बाद उमेश यादव को उन्हीं की गेंद पर कैच थमा बैठे। उन्होंने अपनी पारी में 180 गेंदों का सामना किया, जिसमें 18 चौके के साथ एक छक्का भी शामिल रहा।

रूट ने इस मैच में एशिया में किसी टेस्ट मैच की एक पारी में अपना सवोच्च स्कोर हासिल किया। इससे पहले उनका एशिया में सर्वाधिक स्कोर 88 रन था। इसके साथ ही उन्होंने इस साल टेस्ट क्रिकेट में अपने एक हजार रन भी पूरे कर लिए। इसके अलावा रूट भारत में 2013 के बाद शतक लगाने वाले पहले विदेशी खिलाड़ी भी बने। 2013 में आस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान माइकल क्लार्क चेन्नई में 130 रनों की पारी खेली थी।

टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी इंग्लैंड को एलिस्टर कुक (21) और पदार्पण मैच खेल रहे हसीब हमीद (31) ने अच्छी शुरुआत देने की कोशिश की। यह साझेदारी आगे बढ़ रही थी, लेकिन रवींद्र जडेजा ने 47 के कुल स्कोर पर कप्तान कुक को पगबाधा कर मेजबानों को पहली सफलता दिलाई।

कप्तान के जाने के बाद हमीद ने रूट के साथ पारी को आगे बढ़ाया और दूसरे विकेट के लिए 29 रन जोड़े। हमीद को रविचंद्रन अश्विन ने अपना पहला शिकार बनाया। उन्होंने हमीद को 76 के कुल स्कोर पर आउट किया। रूट ने बेन डकेट (13) के साथ तीसरे विकेट के लिए 26 रन जोड़े। डकेट भोजनकाल से पहले अंतिम गेंद पर अश्विन का दूसरा शिकार बने।

दूसरे सत्र में मोइन ने रूट का साथ थामा और भारतीय गेंदबाजों को विकेट से महरूम रखा। रूट ने पहले अपना अर्धशतक पूरा किया। चायकाल से एक ओवर पहले उमेश यादव की गेंद रूट के पांव पर लगी, जिस पर भारतीय टीम ने पगबाधा की अपील की जिसे मैदान पर खड़े अंपायर ने नकार दिया।

भारतीय कप्तान विराट कोहली ने इस पर रिव्यू मांगा, लेकिन यह उनके खिलाफ ही गया और फैसला नहीं बदला। तीसरे सत्र में भी यह दोनों बल्लेबाज भारतीय गेंदबाजों पर हावी रहे और मेजबानों को वापसी करने का कोई मौका नहीं दिया।

गौरतलब है कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने इस श्रृंखला में प्रायोगिक तौर पर निर्णय समीक्षा प्रणाली (डीआरएस) के उपयोग को मंजूरी दी है। यह भारत में खेली जा रही पहली टेस्ट श्रृंखला है, जिसमें डीआरएस का प्रयोग किया जा रहा है।

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