नई दिल्ली, 15 नवंबर (आईएएनएस)। नोटबंदी के बाद नकदी की समस्या से जूझ रहे आम आदमी की सहूलियत के लिए नकदी की निकासी और नोट बदलने वालों की उंगली पर मतदान के दौरान इस्तेमाल होने वाली स्याही लगाई जाएगी। सरकार ने मंगलवार को इसकी घोषणा की।
सरकार ने यह कदम तय सीमा से अधिक बार नकद निकासी करने वालों और बार-बार पुराने अमान्य नोट बदलने वालों पर लगाम लगाने के उद्देश्य से उठाया है।
आर्थिक मामलों के सचिव शक्तिकांत दास ने यहां पत्रकारों को बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार की रात वित्त मंत्रालय और भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के अधिकारियों के साथ नोटबंदी पर दूसरी समीक्षा बैठक की और इस बात पर विचार विमर्श किया कि बैंकों और एटीएम बूथ के बाहर आखिर एक सप्ताह बाद भी इतनी लंबी-लंबी कतारें क्यों लगी हुई हैं।
दास ने कहा, “ऐसी खबरें मिली हैं कि कई जगहों पर कुछ खास लोगों का समूह बार-बार नोट निकालने पहुंच रहा है। वे एक शाखा से नकदी निकालकर दूसरी शाखा पर पहुंच जा रहे हैं। परिणामस्वरूप नकदी निकासी का फायदा चंद लोगों को ही मिल पा रहा है।”
उन्होंने कहा कि काली कमाई करने वाले लोग बार-बार अलग-अलग बैंक की शाखाओं में पहुंचकर अपना काला धन सफेद कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, “इस पर लगाम लगाने के लिए मतदान के दौरान इस्तेमाल होनी वाली स्याही नकद निकासी करने वाले लोगों की उंगली पर लगाई जाएगी। स्याही का इस्तेमाल कैसे किया जाए, इस संबंध में बैंकों को निर्देश दिया जाएगा। आज (मंगलवार) से देश के बड़े नगरों में इस प्रक्रिया को शुरू किया जाएगा।”
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