पटना, 15 नवंबर (आईएएनएस)। बिहार में शराबबंदी कानून को लेकर विपक्षियों के निशाने पर रही सरकार अब जागरूकता अभियान को और तेज करने का निर्णय लिया है। मद्य निषेध जागरूकता अभियान का दूसरा चरण अगले वर्ष 21 जनवरी से शुरू किया जाएगा। राज्य में शराबबंदी को लेकर जनचेतना जागृत करने के लिए अगले वर्ष 21 जनवरी को पूरे राज्य में मानव श्रृंखला बनाई जाएगी, जिसमें दो करोड़ लोगों के शामिल होने की संभावना है।
मद्य निषेध विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि सरकार इस प्रयास में लगी है कि राज्य का प्रत्येक व्यक्ति सड़क पर आकर मानव श्रृंखला में शामिल हो जाए। लोगों में ये भावना जागृत करने के लिए भी अभियान चलाया जा रहा है। 21 जनवरी, 2017 को बनने वाली मानव श्रृंखला पटना के गांधी मैदान से शुरू होकर राज्य के हर कोने और हर जिले से जुड़ जाएगी।
मानव श्रृंखला के लिए दो मेन रूट और चार सब रूट बनाए गए हैं। दूसरे चरण के अभियान के तहत आठ मार्च को सभी 534 प्रखंडों में हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएग। इसके अलावा 124 कला जत्था की टीम निकलेगी, जो गीतों और नुक्कड़ नाटकों के जरिए शराब सेवन की खामियों को उजागर करेगी। मद्य निषेध जागरूकता अभियान के दूसरे चरण के लिए छह नए नाटक और 12 गीत तैयार किए गए हैं।
इस अभियान में साक्षरता कर्मी, ग्रामीण विकास, पंचायती राज विभाग के जुड़े कर्मी घर-घर में दस्तक देंगे और शराबबंदी से हुए लाभ के बारे में लोगों को बताएंगे। दूसरे चरण के अभियान में जन शिक्षा के साक्षरता कर्मी और जीविका (महिला समूह) से जुड़ी महिलाएं मिल कर काम करेंगी।
जन शिक्षा के सहायक निदेशक मोहम्मद गालिब खान ने मंगलवार को बताया कि आठ मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर सभी 534 प्रखंडों में हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा। डुगडुगी बजा कर शराबबंदी के फायदों के बारे में लोगों को बताया जाएगा।
मद्य निषेध जागरूकता अभियान के लिए नए और चुटीले नारे के साथ-साथ रंग-बिरंगे पोस्टर तैयार किए जा रहे हैं।
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