इस्लामाबाद, 19 नवंबर (आईएएनएस)। कराची हवाईअड्डे पर दो साल पहले हुए हमले के दौरान मारे गए 10 आतंकवादियों की पहचान करने के लिए उनके शव कब्र से बाहर निकाले जाएंगे। इसके लिए एक चिकित्सा समिति गठित की गई है।
आतंकवादियों की पहचान के लिए एक न्यायिक अधिकारी की निगरानी में चिकित्सा समिति ईदी फाउंडेशन द्वारा संचालित एक कब्रगाह में दफन 10 अज्ञात हमलावरों के शवों को 22 नवंबर को कब्र से बाहर निकालेगी।
डॉन की रपट के मुताबिक, यह बात मालिर जिले के न्यायिक दंडाधिकारी को पुलिस सर्जन द्वारा सौंपी गई रपट में कही गई है। इसी अदालत में जांचकर्ताओं ने हमलावरों के डीएनए नमूने इकट्ठा करने के लिए शवों को खोदकर बाहर निकालने की मंजूरी मांगी थी। न्यायिक दंडाधिकारी ने इससे पहले स्वास्थ्य अधिकारियों को एक चिकित्सा समिति गठित करने का निर्देश दिया था।
उल्लेखनीय है कि कराची हवाईअड्डे पर नौ जून, 2014 को भारी हथियारों से लैस लगभग 10 आतंकवादी सेना के कमांडो तथा अन्य सुरक्षाबलों के साथ लगभग पांच घंटे तक चली मुठभेड़ के दौरान मारे गए थे। उन्हें ईदी फाउंडेशन द्वारा संचालित कब्रगाह में दफनाया गया था, जिसके कारण उनकी पहचान नहीं हो पाई थी।
रपट के मुताबिक, मारे गए आतंकवादियों की पहचान का पता लगाने के लिए चार सदस्यीय चिकित्सा दल शवों से डीएनए नमूने इकट्ठा करेगा। अधिकारियों ने दावा किया है कि सभी आतंकवादी विदेशी थे।
शुक्रवार को अपनी रपट दायर करते हुए एक पुलिस सर्जन ने अदालत को सूचित किया कि जिन्ना मेडिकल यूनिवर्सिटी के फॉरेंसिक मेडिसिन विभाग के अध्यक्ष फरहत हुसैन मिर्जा की अध्यक्षता में एक चिकित्सा समिति गठित की गई है।
रपट के मुताबिक, चिकित्सा समिति डीएनए नमूने लेने के लिए इस साल 22 नवंबर को न्यायिक दंडाधिकारी की मौजूदगी में शवों को कब्र से बाहर निकालेगी।
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