तरुण तेजपाल के खिलाफ एफआईआर

0,,17243316_303,00तहलका के संपादक पर लगे यौन उत्पीड़न के मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है. वहीं तेजपाल ने कहा है कि वह सहयोग के लिए पूरी तरह से तैयार हैं.तहलका के संपादक तरुण तेजपाल के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोपों के बाद गोवा पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है.

घटना दस दिन पहले की है जब तेजपाल और उनकी सहयोगी एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए गोवा में मौजूद थे. गोवा के डीआईजी ओपी मिश्रा ने बताया है कि मामला दर्ज कर लिया गया है. जबकि गोवा के डीजीपी किशन कुमार ने कहा है कि अपराध शाखा के अधिकारियों को मामले की अधिक जांच के लिए दिल्ली भेजा जा सकता है. मिश्रा ने कहा, ”हम समूचे विवरण को देखेंगे. अगर लड़की की शिकायत सही साबित होती है तो हम उनके खिलाफ बलात्कार का मामला दर्ज करेंगे.” गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रीकर ने लड़की के आरोप के बाद प्रारंभिक जांच के आदेश दिए हैं. यौन उत्पीड़न की घटना दस दिन पहले गोवा के फाइव स्टार होटल की लिफ्ट में हुई थी. डीआईजी ने बताया है कि होटल से सीसीटीवी फुटेज मिल गई है और उसे सुरक्षित रख लिया गया है. उनके मुताबिक फुटेज पर गौर करने के बाद ही घटना का विवरण मिल सकेगा. तहलका के प्रबंधक को पुलिस पहले ही पत्र लिख चुकी है. पुलिस ने तहलका से उन दस्तावेजों की मांग की जिसमें पीड़ित पत्रकार का ई-मेल और तेजपाल का बयान शामिल है. पर्रीकर ने गुरुवार को कहा था कि पुलिस लड़की तक पहुंचने और उसका बयान रिकॉर्ड करने की कोशिश कर रही है. मुख्यमंत्री ने कहा था कि अगर लड़की शिकायत दर्ज कराती है तो हम पूरी तरह से सहायता करेंगे. साथ ही उन्होंने यह भी कहा था कि शुरुआती जांच के खत्म होने के बाद तेजपाल को गोवा बुलाया जा सकता है. पीड़ित पत्रकार के ई-मेल सार्वजनिक होने के बाद तहलका के संपादक ने खुद को पत्रिका से 6 महीने के लिए अलग करने का फैसला किया था. मंत्रालय ने राज्य सरकार से इस पर्यटन स्थल पर पत्रिका की ओर से आयोजित एक समारोह के दौरान घटी घटनाओं का सिलसिलेवार ब्यौरा देने को भी कहा है. इससे पहले पत्रिका की प्रबंध संपादक शोमा चौधरी ने बताया कि उन्होंने तेजपाल की सफाई को नकारा और तेजपाल से कहा कि वो पीड़िता से माफी मांगें. इस घटना के निपटारे के तरीके पर शोमा चौधरी की आलोचना हो रही है. शोमा चौधरी ने पत्रकारों को बताया कि मीडिया में जो पेश जा रहा है, उन्होंने उससे अलग तरीके से कार्रवाई की. चौधरी के मुताबिक, “सच्चाई यह है कि जिस पल मुझे यह शिकायत मिली, (जो) बहुत दिन पहले नहीं, इस हफ्ते सोमवार को हुई थी, मैंने पीड़ित पत्रकार की आहत भावना दूर करने और उसके हित में कार्रवाई करने की अपनी इच्छा से पूरी तरह निर्देशित हो कर कार्रवाई की.” चौधरी का कहना है कि उन्होंने इस मामले पर जब ”बहुत ज्यादा गुस्से” के साथ तेजपाल से पूछा तो उनका पक्ष कुछ और था. चौधरी आगे कहती हैं, “मैंने उनके बयान को खारिज कर दिया और बिना शर्त माफी मांगने को कहा.”

About Dharm Path


Notice: ob_end_flush(): Failed to send buffer of zlib output compression (0) in /home4/dharmrcw/public_html/wp-includes/functions.php on line 5493