राज्यपाल ने डॉ. शेख नगीनवी ‘बिजनौर’ को बधाई और शुभकामना देते हुए कहा कि आगे भी साहित्य सृजन करते रहें। उन्होंने आशा व्यक्त की कि शीघ्र ही ‘दबिस्ताने-बिजनौर’ का हिंदी रूपांतरण भी आए, जिससे ज्यादा से ज्यादा लोग बिजनौर के समृद्ध साहित्य के बारे में जान सके। उन्होंने कहा कि उर्दू उत्तर प्रदेश की दूसरी सरकारी भाषा है, इस दृष्टि से उन्होंने अपने मराठी संस्मरण संग्रह ‘चरैवेति! चरैवेति!!’ का उर्दू अनुवाद भी करवाया।
पुस्तक का परिचय कराते हुए डॉ. शेख नगीनवी ने बताया कि विश्व स्तर पर उर्दू भाषा को परवान चढ़ाने में जिला बिजनौर का महत्वपूर्ण योगदान है। उर्दू की कोई ऐसी विधा नहीं है जिस पर बिजनौरियों ने काम न किया हो। यह पुस्तक शोधार्थियों, शिक्षकों और उर्दू प्रेमियों के लिए बड़ी अहम है।
राज्यपाल ने अपनी पुस्तक ‘चरैवेति! चरैवेति!!’ के उर्दू संस्करण की प्रति डॉ. नगीनवी को उपहार स्वरूप दी।
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