अनिल सिंह (भोपाल)- भाजपा कि वह जीत जो किसी के लिए भी अप्रत्याशित थी सामने आ गयी है ,यह लहर नरेंद्र मोदी कि लहर है जो चुपचाप भारतवासियों के दिल में दौड़ रही थी इसका स्वरुप आज मध्यप्रदेश ,दिल्ली ,छत्तीसगढ़ और राजस्थान के रूप में सामने आ गया।
सारे कयास ,दावे खारिज हो गए,खबरनवीसों का यही कहना था कि जनता शांत है और हुआ भी वही,कांग्रेस कि नीतियों का विरोध प्रदर्शन इस राजनैतिक व्यवस्था के रूप में सामने आया,कांग्रेस के लिए आज से मंथन का समय है उसकी नीतियां,संगठन कि व्यवस्था सब को कीड़े लग गए हैं आज समझ में आ गया होगा उसे।
भाजपा के दिग्गज भी आशान्वित नहीं थे इस जनाधार के प्रति,अब इसके अगुआओं को चिंतन करना होगा की जनता कि भावना के प्रति कार्य करें कांग्रेस की विफलता जो उसकी नीतियों के विरोध स्वरुप सामने आयी है की तरह सत्ता ना चलायें अपितु जनता का ,जनता के लिये हो कर चलें,यहाँ सब भूल कर आगे कार्य करने का आह्वान शिवराज सिंह चौहान ने किया है ,संगठन एवं सत्ता में सही लोगों को स्थान तथा उन पर नियंत्रण आवश्यक रहेगा नहीं तो भारत का निर्माण पुनः नीति विरोधियों के हाथों में न चला जाए यह भी चिंतन करना होगा ……………. खैर अभी तो यही कहना होगा कि जो जीता वही सिकंदर
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