इराक में संयुक्त राष्ट्र के मानवीय मामलों के समन्वयक कार्यालय की ओर से जारी बयान के मुताबिक, दो मोर्टार हमले उस समय किए गए जब लोग सहायताकर्मियों से आपातकाल सहायता लेने के लिए कतार में लगे हुए थे।
संयुक्त राष्ट्र की ओर से जारी बयान में यह नहीं कहा गया है कि ये हमले इराकी सुरक्षाबलों द्वारा किए गए थे या इस्लामिक स्टेट (आईएस) की ओर से लेकिन आईएस सेना द्वारा कब्जा किए गए जिलों पर दोबारा गोलाबारी कर रहा है।
इराक के लिए मानवीय समन्वयक लीस ग्रांडे ने कहा, “यह पूरी तरह से अस्वीकार्य है और हम कड़े शब्दों में इसकी निंदा करते हैं।”
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