नोमपेन्ह, 27 दिसम्बर (आईएएनएस)। कंबोडिया की एक अदालत ने फेसबुक पर फर्जी दस्तावेजों को पोस्ट कर अराजकता फैलाने के आरोप में विपक्षी नेता सैम रैनसी को पांच साल की सजा सुनाई है।
सजा सुनाए जाने के समय रैनसी अदालत में उपस्थित नहीं थे। वह फ्रांस में स्व-निर्वासित जीवन बिता रहे हैं।
समाचार एजेंसी ‘सिन्हुआ’ के मुताबिक, रैनसी (67) कंबोडिया के मुख्य विपक्षी दल कंबोडिया नेशनल रेस्क्यू पार्टी (सीएनआरपी) के नेता हैं।
नोमपेन्ह महानगर अदालत के न्यायाधीश लीएंग सैमनाथ ने अपने फैसले में कहा, “एक गवाह की गवाही, अभियोजकों और बचाव पक्ष को वकील के अंतिम बयानों को सुनने और सबूत व दस्तावेजों को देखने के बाद अदालत ने सैम रैनसी को पांच साल की जेल की सजा सुनाने का फैसला किया है।”
अदालत ने अनुपस्थित रैनसी के दो सहयोगियों को भी उनके फेसबुक पेज की देखरेख करने के आरोप में सजा सुनाई है।
दोनों सहयोगी पहले ही गिरफ्तारी से बचने के लिए अगस्त 2015 में कंबोडिया से फ्रांस भाग चुके हैं।
अदालत ने इन दोनों के नाम गिरफ्तारी वारंट जारी किया है।
रैनसी मानहानि के आरोप में दो साल की सजा से बचने के लिए 2015 से फ्रांस में निर्वासित जीवन बिता रहे हैं।
रैनसी के खिलाफ आरोप का संबंध फेसबुक पेज पर पोस्ट हुए एक वीडियो से है। इसमें विपक्षी सीनेटर होंग सोक ऑर को कंबोडिया और वियतनाम के बीच नकली सीमा संधि के दस्तावेज को पेश करते दिखाया गया है। होंग को 15 अगस्त 2015 को गिरफ्तार कर लिया गया था।
होंग को नकली दस्तावेज का इस्तेमाल कर समाज में अराजकता भड़काने की साजिश रचने के आरोप में सात नवंबर को नोमपेन्ह अदालत ने सात साल कैद की सजा सुनाई थी।
dharmpath.com dharmpath