जापान सरकार ने आबे के दौरे को सुलह दौरे के रूप में पेश किया है। इसका उद्देश्य अमेरिका के भावी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन के साथ संबंधों की अनिश्चितताओं के बीच जापान-अमेरिका संबंधों को मजबूत बनाना है।
आबे मंगलवार को पर्ल हर्बर के यूएएस अरिजोना स्मारक पर पहुंचने के बाद ‘पूरी तरह मौन’ रहे। उन्होंने हालांकि माना कि अमेरिका और जापन के बीच भयावह युद्ध लड़ा गया। उन्होंने हमले में मारे गए अमेरिकी जवानों के प्रति संवेदना प्रकट की, लेकिन माफी नहीं मांगी।
गौरतलब है कि सात दिसंबर 1971 को जापान के 350 से अधिक विमानों ने अमेरिकी नौसैनिक अड्डे पर हमला कर दिया था जिसमें 2,403 अमेरिकी मारे गए थे, लगभग 20 जहाज डूब गए थे या क्षतिग्रस्त हो गए थे और 300 से अधिक विमान नष्ट हो गए थे।
इस हमले से अमेरिका सदमे में था और बाद में प्रत्यक्ष रूप से द्वितीय विश्वयुद्ध में शामिल हो गया था।
पर्ल हार्बर हमले के जवाब में अमेरिका ने जापान के हिरोशिमा और नागासाकी पर परमाणु बम हमले किए, जिसके बाद जापान ने 15 अगस्त, 1945 को आत्मसमर्पण कर दिया।
आबे का पर्ल हार्बर का दौरा अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा के हिरोशिमा दौरे के लगभग छह महीने बाद हुआ है।
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