अमेरिकी फुटबाल को भारत में लाना है लक्ष्य : नीरज

नई दिल्ली, 12 जनवरी (आईएएनएस)। अमेरिकी फुटबाल की विश्व प्रसिद्ध लीग नेशनल फुटबाल लीग (एनएफएल) भारत में नया नाम है, हालांकि इसकी शुरुआत भारत में एक छोटे पैमाने पर ही सही हो चुकी है।

नई दिल्ली, 12 जनवरी (आईएएनएस)। अमेरिकी फुटबाल की विश्व प्रसिद्ध लीग नेशनल फुटबाल लीग (एनएफएल) भारत में नया नाम है, हालांकि इसकी शुरुआत भारत में एक छोटे पैमाने पर ही सही हो चुकी है।

खेल प्रतियोगिताएं आयोजित कराने वाली कंपनी स्पोर्ट्स मंत्रा ने भारत में ‘मिलियन डॉलर किक’ नाम से एक प्रतिभा खोज कार्यक्रम शुरू किया है।

इस कार्यक्रम के तहत यह कंपनी देश भर के सात शहरों में ट्रायल का आयोजन कराएगी और हर शहर से पांच खिलाड़ियों का चयन करेगी।

कुल 35 खिलाड़ियों का चयन किया जाएगा जो बाद में अमेरिका जाकर इस खेल का पूर्ण प्रशिक्षण लेंगे। दिल्ली के ट्रायल का गुरुवार को आखिरी चरण सिरी फोर्ट स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स में आयोजित किया गया।

अमेरिकी फुटबाल, रग्बी से मिलता-जुलता खेल है। 15-15 मिनट के चार क्वार्टर में खेले जाने वाले फुटबाल और रग्बी के मिश्रित स्वरूप वाले इस खेल में भी हर टीम में 11 खिलाड़ी होते हैं।

कंपनी के प्रबंध निदेशक नीरज सरीन ने आईएएनएस से बातचीत में बतायी, “हमारी कोशिश एनएफएल को भारत में लाने की है और यह उस लक्ष्य की ओर पहला कदम है। हम चाहते हैं कि इस खेल को भारत में लोग जानें। हमारी जनसंख्या काफी है तो कुछ लोग तो इस खेल को खेल ही सकते हैं।”

अमेरिकी फुटबाल में किकर एक पोजीशन होती है जिसपर गेंद को गोल में डालने की जिम्मेदारी होती है। इन ट्रायल्स में किकर की ही खोज की जा रही है। नीरज ने इस खेल को यहां लाने के लिए और इसके लिए ट्रायल कराने के लिए एनएफएल से संपर्क किया था और उन्हें इस काम में सफलता हाथ लगी।

नीरज ने कहा, “हमारी कोशिश ऐसे लोग चुनने की है जो सही तरीके से अमेरिकी फुटबाल खेल सकें, और किकर के लिए जो काबिलियत की जरूरत होती है वह काफी खिलाड़ियों के पास है। लेकिन जब तक उन्हें मौका नहीं मिलेगा तब तक उन्हें पता नहीं चलेगा की ऐसा भी कोई खेल है। कई मैचों का फैसला किकर की किक से ही तय होता है।”

इसका नाम मिलियन डॉलर रखने की वजह भी नीरज ने बताई। उन्होंने कहा, “एनएफएल में जो कम से कम राशि का अनुबंध होता है वह मिलियन डॉलर (10 लाख रुपये) से शुरू होता है।”

ट्रायल्स के आगे की रणनीति पर नीरज ने बताया, “हम इन्हें यहां से ले जाकर अमेरिका में दो महीने प्रशिक्षण देंगे। उसके बाद हम खिलाड़ियों को एनएफएल ड्रॉफ्ट में डालेंगे। वहां से अगर कोई टीम इन्हें अपने साथ जोड़ लेती है तो हमारा लक्ष्य पूरा हो जाएगा।”

नीरज ने कहा कि भारत में ऐसे लोग हैं जो इस खेल को खेल सकते हैं और अपना करियर बना सकते हैं, “हमारी कोशिश अमेरिकी फुटबाल को भारत में बढ़ावा देने की है क्योंकि हमारे युवा इसे खेल सकते हैं।”

दिल्ली के अलावा यह ट्रायल अहमदाबाद, कोलकाता, शिलांग, कोच्चि, गोवा सहित सात शहरों में आयोजित किए जाएंगे।

About admin


Notice: ob_end_flush(): Failed to send buffer of zlib output compression (0) in /home4/dharmrcw/public_html/wp-includes/functions.php on line 5493