वाशिंगटन, 14 जनवरी (आईएएनएस)। अमेरिकी सीनेट की खुफिया समिति गत साल आठ नवम्बर को राष्ट्रपति चुनाव के दौरान रूस द्वारा की गई कथित जासूसी और चुनाव अभियानों के साथ उसके संभावित संबंधों की जांच करेगी।
समाचार एजेंसी एफे के अनुसार, समिति के अध्यक्ष रिचर्ड बर्र (रिपब्लिकन) और उपाध्यक्ष मार्क वार्नर (डेमोक्रेट) ने शुक्रवार को एक संयुक्त बयान में कहा, “चुनाव अभियानों से जुड़े लोगों और रूस के बीच संबंधों से संबंधित कोई भी खुफिया जानकारी जांच में शामिल की जाएगी।”
सीनेट सदस्य साल 2016 के चुनाव के संबंध में तथा व्यापक संदर्भ में भी अमेरिका के खिलाफ रूसी साइबर गतिविधियों और अन्य कदमों की भी जांच करेंगे।
अधिकांश जांच बंद कमरे में की जाएगी और जांच निष्कर्षो की दो रपटें पेश की जाएंगी -एक गोपनीय होगी और दूसरी सार्वजनिक।
जांचकर्ता निवर्तमान अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के प्रशासन और नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अधिकारियों से पूछताछ करेंगे।
बर्र और वार्नर ने कहा है कि रूसी खुफिया गतिविधियों के अमेरिका पर प्रभाव की संभावना को समझना आवश्यक है और हाल की अमेरिकी खुफिया जानकारियां चिंताजनक हैं।
राष्ट्रपति चुनाव के बाद से ट्रंप की उम्मीदवारी के समर्थन की अपेक्षा के उद्देश्य के साथ हाल में अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में क्रेमलिन के कथित हस्तक्षेप ने अन्य सभी राजनीतिक चर्चाओं को गौण कर दिया है।
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