पेरिस, 15 जनवरी (आईएएनएस)। इजरायल और फिलिस्तीन के बीच ठप पड़ी शांति वार्ता को गति देने के लिए रविवार को आयोजित होने वाले एक बड़े अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में भाग लेने के लिए 70 देशों के प्रतिनिधि यहां एकत्रित हुए हैं।
बीबीसी की रविवार की रपट के अनुसार, फिलिस्तीनियों ने फ्रांसीसी पहल का स्वागत किया है, लेकिन इजरायल का कहना है कि सम्मेलन उसके विरुद्ध है। इजरायल सम्मेलन में भाग नहीं ले रहा है।
रपट के अनुसार, बैठक के लिए एक मसौदा बयान में कहा गया है, “इजरायल और फिलिस्तीन समस्या के द्विराष्ट्र समाधान के प्रति अपनी बचनबद्धता फिर से जाहिर करें और कोई ऐसा एकतरफा कदम न उठाएं जिससे अंतिम दर्जे के लिए होने वाली वार्ता के परिणाम प्रभावित हों।”
यह भी पुख्ता किया जाएगा कि अंतर्राष्ट्रीय समुदाय दोनों पक्षों के बीच किसी समझौते के बगैर इजरायल की 1967 के पूर्व की स्थिति में बदलावों को मान्यता नहीं देगा।
इजरायल ने शांति प्रक्रिया में अंतर्राष्ट्रीय भागीदारी को खारिज कर दिया है और कहा है कि केवल सीधी वार्ता के जरिए ही समस्या का हल निकल सकता है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने पेरिस सम्मेलन को एक छलावा बताया है, जिससे इजरायल बंधा नहीं होगा।
पदमुक्त होने से एक दिन पहले अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन केरी यह सुनिश्चित करने के लिए सम्मेलन में उपस्थित होंगे कि “जो कुछ भी होता है वह रचनात्मक और संतुलित है।”
प्रवक्ता मार्क टोनर ने कहा कि अमेरिका ऐसा कुछ भी देखना नहीं चाहता है, जो इजरायल पर कोई हल थोपने का प्रयास हो।
फ्रांस के एक राजनयिक के अनुसार, नेतन्याहू द्वारा सम्मेलन के अनादर और ट्रंप प्रशासन के इससे अलग रहने के साथ रविवार के सम्मेलन को इजरायल को अलग-थलग करने के रूप में देखा जा सकता है।
इस बीच पेरिस में इजरायल के समर्थन में प्रदर्शन का भी कार्यक्रम है।
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