अनिल सिंह (भोपाल)- मध्यप्रदेश के मुखिया शिवराज पूरी शिद्दत से मेहनत कर रहे हैं अवाम की बेहतरी के लिये लेकिन उनके कारिन्दे पुनः अत्याचार पर उतर आये हैं,जी हाँ खबर यह है की रेल्वे मे पदस्थ टीटीई राजेन्द्र रुपोलिया आसमान से गिरे तो खजूर पर अटके की स्थिति मे आ गए हैं अपनी बेटी को दी जा रही प्रताडना के लिये बात करने जब वे भाभा कालेज अलका तिवारी से वर्तालाप करने अपनी बेटी के साथ गए तब उस शिक्षिका ने उनसे वादा-विवाद कर लिया और साथ गए पत्रकारों को भी धमकाया अपने साथी आशीष पांडे के द्वारा.
जांच अधिकारी जांच नहीं सिर्फ अलका तिवारी का पक्ष ले रहे थे
जांच अधिकारी का रुझान सिर्फ इसमें था कि आपने अलका तिवारी को धमकाया है आप पर प्रकरण दर्ज होगा,अलका तिवारी ने क्या किया वह आप कोर्ट मे सिद्ध कीजियेगा,जब हमने कहा कि हमारे भी बयान लीजिये तब वे बोले आपके बयान कि जरूरत नहीं है लेकिन राजेन्द्र जी को बैठने को कहा यह कहते हुए कि आप यहाँ से मत जायिये थानेदार साहब अपसे बात करेंगे.काफी देर बैठने के बाद पुलिस अधीक्षक से मदद मांगी गयी तब इन आतताइयों से छुटकारा मिला वह भी फिर शिकंजे मे आने का वादा करने पर.
इसी तरह प्रताड़ित ये करते हैं बदनाम मुख्यमंत्री होते हैं
इंसान के भेष में बैठे ये लोग इंसानियत और न्याय के लिये राक्षस हैं,लेकिन हमने भी इनसे ना घबराने का फैसला किया और अन्याय के विरुद्ध लड़ने का फैसल किया.
भाभा कालेज और अलका तिवारी दोनो का फर्जी रुतबा है
भाभा कालेज का पंजीयन और अनुमति मे कई फर्जीवाड़े हैं और अलका तिवारी भी विभागाध्यक्ष पद के योग्य नहीं होने पर भी विभागाध्यक्ष बनी बैठी है,यह अनुभव और योग्यता मे कहीं भी इस पद पर बैठने योग्य नहीं ना ही AICTE की तरफ से यह इस कालेज की अनुमोदित फॅकल्टी है हम इनका भी फर्जीवाड़ा सामने लायेंगे अजुर युवाओं के सपना,पढ़ाई व पैसा बर्बाद होने से बचाएंगे,युवा हमारा यदि ऐसे ही हतोत्साहित होता रहा तब देश किधर जायेगा.
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