यंगून, 21 जनवरी (आईएएनएस)। म्यांमार में संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत यांघी ली ने कहा है कि मानवतावादी समूह नौकरशाही से जुड़ी बाधाओं के कारण देश में हिंसा का सामना कर रहे लोगों की मदद नहीं कर पा रहे।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, ली ने कहा कि कचिन, शान और उत्तरी राखिने राज्य उनके पिछले दौरे से ज्यादा बुरी स्थिति में हैं।
हालांकि उत्तरी राखिने में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है और देश के कर्मचारी यहां पहुंच रहे हैं, लेकिन अंतर्राष्ट्रीय कर्मचारी शहरों में ही फंसे हुए हैं और वे अपना काम नहीं कर पा रहे।
ली ने आरोपों से निपटने के लिए हिंसाग्रस्त इलाकों में आकड़े और साक्ष्य मिलने के महत्व पर भी जोर दिया।
यांघी ली ने अक्टूबर-नवंबर में म्यांमार के उत्तरी राखिने राज्य में सीमा चौकियों पर सशस्त्र हमलावरों द्वारा किए गए हमलों की भी निंदा की।
ली ने कहा कि यह अंतर-सामुदायिक हिंसा या संकट नहीं था, बल्कि म्यांमार की संप्रभुता के खिलाफ एक सोचा-समझा हमला था।
संयुक्त राष्ट्र की विशेष दूत की म्यांमार यात्रा शुक्रवार को समाप्त हुई।
यात्रा के दौरान ली ने स्टेट काउंसलर आंग सान सू की और अन्य सरकारी अधिकारियों से भी मुलाकात की।
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