म्यांमार : अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सवाल

यंगून, 25 जनवरी (आईएएनएस)। म्यांमार में अभिव्यक्ति की स्वंतत्रता के दमन पर ह्यूमन राइट्स वॉच (एचआरडब्ल्यू) ने बुधवार को सवाल किए और सरकार से इसकी रक्षा के लिए कदम उठाने का आग्रह किया है।

समाचार एजेंसी एफे के मुताबिक, एचआरडब्ल्यू ने अपनी रपट में कहा है कि राज्य के अधिकारियों द्वारा विपक्षी आलोचकों का दमन करने की घटनाओं में वृद्धि हुई है।

अनुसंधान एवं अधिकारों के समर्थक समूह (रिसर्च एंड राइट्स एडवोकेसी ग्रुप) ने नोबेल पुरस्कार विजेता आंग सान सू की के नेतृत्व वाली सरकार से पिछली सरकार से विरासत में मिली विधायी सत्ता को अस्वीकार करने का आग्रह किया है।

एचआरडब्ल्यू एशिया के निदेशक ब्रैड एडम्स ने अपने बयान में कहा, “हालांकि, बर्मा (म्यांमार) की नई सरकार में 100 से ज्यादा राजनेता पूर्व कैदी हैं, लेकिन, इसने शांतिपूर्ण अभिव्यक्ति पर मुकदमा चलाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले कानूनों को खत्म करने के लिए कुछ खास नहीं किया है।”

उन्होंने कहा कि इसके बजाय सरकार के प्रथम वर्ष के दौरान शांतिपूर्ण तरीके से दिए गए राजनीतिक भाषणों से संबंधित मुकदमों में वृद्धि हुई।

संगठन ने अन्य मामलों के साथ इलेवन मीडिया समूह के दो अधिकारियों पर मानहानि का मुकदमा दायर होने का भी जिक्र किया। इस मीडिया समूह ने नेशनल लीग फॉर डेमोक्रेसी (एनएलडी) के वरिष्ठ अधिकारी के भ्रष्टाचार में शामिल होने का पर्दाफाश किया था। एनएलडी सू की की पार्टी है।

एचआरडब्ल्यू के अनुसार, सरकार ने विशेष रूप से आक्रामक मानहानि कानून का इस्तेमाल किया है, जिसके अंतर्गत तीन साल की कैद हो सकती है। सत्ता में आने के प्रथम आठ महीनों के दौरान ही कम से कम ऐसे 40 मामले सामने आए हैं, जबकि पिछले दो सालों में महज सात मामले दर्ज हुए थे।

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