वेलिंगटन, 30 जनवरी (आईएएनएस)। न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री बिल इंग्लिश ने सोमवार को कहा कि वह सात मुस्लिम देशों के नागरिकों के अमेरिका में प्रवेश पर प्रतिबंध के अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फैसले से असहमत हैं।
रेडियो न्यूजीलैंड की रिपोर्ट के मुताबिक, इंग्लिश ने कहा कि उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के समक्ष अपने विचार नहीं रखे हैं।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, ट्रंप की आव्रजन नीति का विरोध न करने को लेकर इंग्लिश की आलोचना की जा रही है, लेकिन सोमवार को उन्होंने कहा कि वह न्यूजीलैंड में ऐसा प्रतिबंध नहीं लगाएंगे और वह इसके समर्थक नहीं हैं।
इंग्लिश ने कहा, “हम इस नीति से सहमत नहीं हैं। अभी यह देखना है कि अमेरिका की दीर्घकालिक नीति क्या होगी क्योंकि यह एक अस्थायी कदम है।”
उन्होंने कहा कि शरणार्थियों और प्रवासियों के साथ भेदभाव करना ‘न्यूजीलैंड की परंपरा’ नहीं है।
उन्होंने कहा कि ऐसा प्रतीत हो रहा है कि इससे अल्पावधि में (अमेरिका में) सचमुच अराजकता पैदा हो रही है।
न्यूजीलैंड में शरणार्थियों के रहने की व्यवस्था में सहयोग करने वाले रेड क्रॉस ने इंग्लिश के बयान का स्वागत किया है और कहा है कि संगठन चाहता है कि न्यूजीलैंड शरणार्थियों को स्वीकार करके अपने रुख पर व्यवहारिक तौर पर अमल करे।
न्यूजीलैंड रेड क्रास की कार्यवाहक महासचिव एनी स्मिथ ने कहा, “शरणार्थियों में से अधिकांश महिलाएं और बच्चे हैं। इन्हें तत्काल स्वीकार करने से इनमें से कुछ परिवारों की मदद हो सकती है, जो बेहद संकट में हैं।”
कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन टड्रो और जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल समेत कई वैश्विक नेता ट्रंप के फैसले के प्रति सार्वजनिक तौर पर विरोध जता चुके हैं।
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