विज्क आन जी (नीदरलैंड्स), 30 जनवरी (आईएएनएस)। भारत के पेशेवर शतरंज खिलाड़ी ग्रैंड मास्टर पी. हरिकृष्ण ने रविवार रात टाटा स्टील टूर्नामेंट का समापन नौंवे स्थान पर रहते हुए किया।
इसके अलावा, टूर्नामेंट के 13वें और अंतिम दौर के मैच में वेस्ले सो ने रूस के इआन नेपोम्नियात्ची को मात देकर 79वें संस्करण का खिताब जीता।
रविवार रात खेले गए अंतिम मुकाबले में हरिकृष्ण को नीदरलैंड्स के लोएक वान वेले से हार का सामना करना पड़ा और इस कारण वह आठवें स्थान से फिसलकर नौंवे स्थान पर आ गए।
हरिकृष्णा ने रविवार रात टूर्नामेंट के 79वें संस्करण के फाइनल में छह अंकों के साथ आठवें स्थान पर रहते हुए कदम रखा। अंतिम मुकाबले में भारतीय खिलाड़ी को नीदरलैंड्स के खिलाड़ी ने मात दी।
इस हार के कारण हरिकृष्ण को पछाड़ते हुए नीदरलैंड्स के अनीष गिरी ने आठवां स्थान हासिल किया। टूर्नामेंट के अंतिम मैच के बाद भारतीय खिलाड़ी ने कहा, “आज (रविवार) का मैच बेहद मुश्किल था। लोएक ने अच्छा खेला और मुझे कोई भी अवसर नहीं दिया।”
इस टूर्नामेंट में हरिकृष्ण ने एक मैच में जीत हासिल की, जबकि उनके 10 मैच ड्रॉ रहे। इसके अलावा, उन्हें दो मैचों में हार का सामना करना पड़ा।
इसके अलावा, पांच बार के विजेता नोर्वे के मैगनस कार्लसन ने 2008, 2010, 2013, 2015 और 2016 में यह टूर्नामेंट जीता था। वह आठ अंकों के साथ दूसरे स्थान पर हैं।
विश्व चैम्पियन कार्लसन ने सफेद मोहरों से खेला और उनका रूस के सर्गे कार्जाकिन के साथ मैच ड्रॉ रहा। ृ
टाटा स्टील टूर्नामेंट को शतरंज का विंबलडन भी कहा जाता है। इसमें 14 ग्रैंडमास्टर 13 चरणों तक एक-दूसरे को प्रतिद्वंद्विता देते हैं।
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