स्थानीय मीडिया ने बताया कि 15 जुलाई को तख्तापलट के प्रयास के बाद इजमिर में इन कथित षड्यंत्रकारियों पर पहला मुकदमा चलाया गया है। इस तख्तापलट में 250 लोग मारे गए थे।
सरकारी समाचार एजेंसी ‘एनादोलु’ ने बताया कि इन सभी संदिग्धों पर आतंकवादी संगठनों से जुड़े होने, संवैधानिक आदेश ध्वस्त करने का प्रयास करने और संसद को अपने कर्तव्य का निर्वाह करने से रोकने का आरोप है।
एजेंसी के अनुसार, इजमिर लोक अभियोजक बरकांत काराकाया द्वारा जांच के लिए कुल 1,300 पृष्ठों के आरोप तैयार किए गए थे।
एजेंसी ने बताया कि इन आरोपियों में एजियन सेना कमांड के चीफ ऑफ स्टाफ मेजर जनरल मेमदुह हकबिलेन सहित सेना के कुछ उच्चस्तरीय अधिकारी भी शामिल हैं।
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